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21 अक्तू॰ 2019

मधुमेह (डायबिटीज) के लिए योग

Yoga for diabetes
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भागदौड़ भरी जिंदगी और जीवन में आगे बढ़ने की ललक में कई लोग अपने खान-पान और दैनिक दिनचर्या को बिगाड़ देते हैं। बिगड़ी आहार शैली और दिनचर्या का नतीजा यह होता है कि शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। फलस्वरूप कई गंभीर बीमारियां हावी होने लगती हैं। इन्हीं बीमारियों में से एक है, मधुमेह (डायबिटीज)। डायबिटीज किसी भी उम्र में हो सकती है। कभी-कभी तो यह जन्म के साथ ही जिंदगी में दाखिल हो जाती है, क्योंकि यह एक आनुवंशिक बीमारी भी है , लेकिन योग ऐसा विकल्प है, जिसकी मदद से आप इस बीमारी को खुद से दूर रख सकते हैं और इससे होने वाले जोखिमों से बच सकते हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको मधुमेह के लिए योग के कुछ आसान तरीके बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप एक खुशहाल जिंदगी बिता सकते हैं। डायबिटीज के लिए योगासन के विभिन्न प्रकारों से पहले शुगर के लिए योग कैसे लाभदायक है, इस बारे में थोड़ा जान लेते हैं।
मधुमेह में कैसे लाभदायक है योग – 
योग करने से तनाव और चिंता जैसी समस्याएं दूर होती हैं। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। साथ ही यह उपापचय प्रक्रिया को ठीक करके इंसुलिन बनने की प्रक्रिया को भी तेज करने में सहायता करता है। इससे ब्लड शुगर का लेवल कम होता है और डायबिटीज की समस्या में काफी हद तक राहत मिलती है । इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए योग एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। मधुमेह के लिए योग फायदेमंद है, यह तो आपने जान लिया, अब हम डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए योग के कुछ आसन बताएंगे।
मधुमेह (डायबिटीज) के लिए योग –
डायबिटीज के लिए योगासन के कई प्रकार हैं, जिनमें से कुछ आसान आसनों के बारे में हम आपको बता रहे हैं ।
01- कपालभाति
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कैसे है लाभदायक :
डायबिटीज के लिए योग के फायदे पाने के लिए आप कपालभाति का अभ्यास कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में सांस छोड़ते समय पेट पर दबाव आता है। यह दबाव अग्नाशय (पेनक्रियाज) की बीटा कोशिकाओं की कार्यक्षमता को सुधारने में मदद करता है, जो इंसुलिन के निर्माण में सहायक होती हैं। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित कर डायबिटीज की समस्या में राहत पहुंचाता है। इस कारण हम यह कह सकते हैं कि मधुमेह के लिए योग का यह प्रकार फायदेमंद साबित हो सकता है।
करने का तरीका :
*-इस आसन को करने के लिए योग मैट बिछाएं और पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं।
*-अब गहरी सांस लें और उसे धीरे-धीरे छोड़ दें। इसके बाद आपका लगातार नाक से सांस छोड़नी है।
*-सांस छोड़ते वक्त आपको यह ध्यान रखना होगा कि ऐसा करते समय आपका पेट अंदर की ओर जाए।
*-मुंह बंद रखें और लगातार नाक से ही सांस लेते-छोड़ते रहें। हर बार सांस छोड़ने पर पेट अंदर की ओर जाएगा।
*-इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे और आराम से लगातार दोहराएं। जोर लगाने की कोशिश न करें।
*-थकान लगने पर थोड़ी देर विराम करें और इस प्रक्रिया को फिर से दोहराएं।
*-इस तरह आप कपालभाति के चार से पांच चक्र पूरे कर सकते हैं।
सावधानियां :
*-माइग्रेन, ब्लड प्रेशर, मिर्गी और हृदय संबंधी समस्या में डॉक्टर की सलाह पर ही इस आसन को करें।
*-गर्भवती महिलाएं इस आसन से दूर रहें, तो बेहतर होगा।
*-इस आसन को खाली पेट करना चाहिए। इसलिए, अभ्यास से पूर्व कुछ भी न खाएं।
*-अगर आप पहली बार इस आसन को कर रहे हैं, तो विशेषज्ञ के साथ ही अभ्यास करें।
*-मासिक धर्म के दौरान इस आसन को नहीं करना चाहिए।
02- अनुलोम–विलोम
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कैसे है लाभदायक :

मधुमेह के लिए योग में आप अनुलोम विलोम को भी शामिल कर सकते हैं। यह योग का ऐसा प्रकार है, जिसमें खासतौर पर सांस पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसका नियमित अभ्यास तनाव और चिंता को तो दूर करता ही है, साथ ही मानसिक और तंत्रिका तंत्र संबंधी कई समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। वहीं, संयुक्त रूप से उपापचय प्रक्रिया को ठीक कर वजन कम करने में भी यह योग लाभदायक साबित होता है, जो शुगर की समस्या का अहम जोखिम कारक है। इस कारण हम कह सकते हैं कि डायबिटीज के लिए योग के फायदे पाने के लिए योग का यह प्रकार बेहद आसान और उत्तम है।
करने का तरीका :
*-सबसे पहले आप योग मैट बिछाकर सुखासन, सिद्धासन, वज्रासन या पद्मासन में से किसी में भी बैठ जाएं।
*-अब अपने दाहिने हाथ को ऊपर उठाते हुए अंगूठे से नाक की दाहिनी नासिका को बंद करें।
*-फिर बाईं नासिका से गहरी सांस लें।
*-इसके बाद अपने दाहिने हाथ की मध्य उंगली से नाक की बाईं नासिका को बंद करें। फिर दाईं नासिका से सांस *-बाहर की ओर छोड़ें।
*-ध्यान रहे कि इस दौरान आपका बायां हाथ घुटने पर रहे।
*-आप करीब चार से पांच मिनट तक इस प्रक्रिया को दोहराएं।
सावधानियां :
*-मासिक धर्म व गर्भावस्था में महिलाएं इसका अभ्यास न करें।
*-किसी भी प्रकार की सर्जरी हुई हो, तो भूलकर भी इस योग का अभ्यास न करें।
*-हृदय रोग से पीड़ित हैं, तो गहरी सांस न लें, नहीं तो तकलीफ बढ़ सकती है।
03-मंडूकासन
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कैसे है लाभदायक :
डायबिटीज के लिए योगासन में आप मंडूकासन को भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अभ्यास के दौरान पेट के निचले हिस्से पर जोर पड़ता है। इस कारण अग्नाशय (पेनक्रियाज) की कार्य क्षमता में सुधार आता है और इंसुलिन के बनने की प्रक्रिया भी ठीक होती है। इससे ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
करने का तरीका :
*-इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योग मैट बिछाकर वज्रासन में बैठ जाएं।
*-अब अपने दोनों हाथों को आगे की ओर लाएं और दोनों अंगूठों को हथेली पर रख मुट्ठी बंद कर लें।
*-दोनों हाथों की मुट्ठियों को आपस में मिलाते हुए पेट पर नाभि के पास रखें।
*-इसके बाद गहरी सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुक जाएं।
*-ध्यान रहे कि आगे झुकते वक्त आप अपनी सांस रोक कर रखें और सामने की ओर देखते रहें।
*-इस स्थिति में चार से पांच मिनट तक बने रहने का प्रयास करें।
*समय पूरा होने पर धीरे-धीरे अपनी प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं।
सावधानियां :
*-पेट में चोट या दर्द की स्थिति में इस आसन को न करें।
*-घुटने में दर्द होने पर इस आसन को करने की कोशिश न करें।
*-पेट के अल्सर में इस आसन को नहीं करना चाहिए।
*-अभ्यास के दौरान पेट पर अधिक खिंचाव या तनाव बिल्कुल भी न डालें।
*-हाई ब्लड प्रेशर, अनिद्रा और माइग्रेन की समस्या होने पर इस आसन से दूर रहें।
*-गर्भवती महिलाएं इस आसन को न करें।
*-पहली बार इस आसन को करने वाले योग ट्रेनर की देखरेख में ही इसका अभ्यास करें।
04- अर्धमत्स्येंद्रासन
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कैसे है लाभदायक :
बताया जाता है कि अर्धमत्स्येंद्रासन में भी मंडूकासन की ही तरह पेट के निचले हिस्से में तनाव पैदा होता है, जो अग्नाशय (पेनक्रियाज) की कार्य क्षमता में सुधार करता है और इंसुलिन बनने की प्रक्रिया को भी बढ़ाता है। इस कारण यह कहा जा सकता है कि मधुमेह के लिए योगासन के इस प्रकार को शामिल कर शुगर की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
करने का तरीका :
*-सबसे पहले योग मैट बिछाएं और पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाकर बैठ जाएं।
*-अब अपने दाएं घुटने को मोड़ते हुए बाएं पैर के घुटने के साइड में बाहर की ओर रखें।
*-फिर बाएं घुटने को मोड़ते हुए, बाईं एड़ी को दाएं कूल्हे के नीचे रखें।
*-ध्यान रहे कि इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी सीधी रहे।
*-अब बाईं बाजू को दाएं घुटने के बाहर रखते हुए दाएं टखने को पकड़ने का प्रयास करें।
*-इसके गर्दन और कमर को दाहिनी ओर घुमाएं।
*-कुछ सेकंड के लिए इसी स्थिति में बने रहें।
*-बाद में इस प्रक्रिया को दूसरी तरफ से भी दोहराएं।
सावधानियां :
*-पेप्टिक अल्सर और हर्निया की समस्या में इस आसन को न करें।
*-रीढ़ की हड्डी में दर्द या चोट लगी हो, तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
*-मासिक धर्म के दौरान महिलाएं इस आसन को करने से बचें।
*-गर्भवती महिलाएं इस आसन का अभ्यास न करें।
*-किसी भी प्रकार की सर्जरी हुई है, तो इस आसन को करने से बचें।
05- वक्रासन
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कैसे है लाभदायक :
मधुमेह के लिए योगासन में आप वक्रासन को भी शामिल कर सकते हैं। योग आसन के इस प्रकार में अग्नाशय (पेनक्रियाज) पर दबाव और तनाव पैदा होता है। इस कारण अग्नाशय की शिथिल हुई बीटा कोशिकाओं में सक्रियता आती है और इंसुलिन अच्छी मात्रा बनने लगती है। इस कारण हम कह सकते हैं कि योग का यह प्रकार ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक साबित होता है।
करने का तरीका :
*-सबसे पहले योग मैट बिछाएं और दोनों पैर आगे फैलाकर बैठ जाएं।
*-अब अपने दोनों हाथों को कमर के अगल-बगल जमीन पर रखें।
*-ध्यान रहे, आपकी रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी रहे और नजर सामने की ओर रहे।
*-अब दाहिने पैर को घुटने से मोड़ते हुए बाएं पैर के घुटने की सीध में लाएं और घुटने से सटाते हुए पंजे को जमीन पर रखें।
*-अब अपने दाएं हाथ को पीछे की ओर ले जाएं और जमीन पर हथेली को सटा दें।
*-इसके बाद अपने बाएं हाथ को दाहिने घुटने के ऊपर से आगे लाएं और घुटने से हाथ की कोहनी को सटाते हुए हथेली को पैर के पंजे पास जमीन पर रखें।
*-अब अपनी गर्दन को धीरे-धीरे दाहिनी ओर घुमाते हुए जितना हो सके पीछे की ओर ले जाने की कोशिश करें।
*-अब कुछ देर इस स्थिति में बने रहने की कोशिश करें।
*-अंत में अपनी प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं।
सावधानियां :
*-गर्दन में दर्द होने पर इसका अभ्यास न करें।
*-पेट या कमर में दर्द की स्थिति में इस आसन को नहीं करने की सलाह दी जाती है।
*-इस आसन में अधिक सावधानी की जरूरत होती है, इसलिए जब तक अभ्यास न हो जाए, इसे योग ट्रेनर की *-निगरानी में ही करें।
06- शवासन
कैसे है लाभदायक :
मधुमेह के लिए योगासन में शवासन भी शामिल है। यह एक ऐसा आसन है, जिसमें पूरे शरीर को शिथिल छोड़ दिया जाता है। ऐसा करने से शरीर आराम की अवस्था में चला जाता है और तनाव व चिंता दूर होती है। साथ ही शरीर की अन्य कार्य प्रणालियों को भी आराम मिलता है। इससे उनकी कार्यक्षमता सुधरती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शवासन का नियमित अभ्यास करने से शरीर ब्लड शुगर की बढ़ी हुई मात्रा को भी नियंत्रित कर सकता है।
करने का तरीका :
*-सबसे पहले योग मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं।
*-अब अपनी हथेलियों को शरीर से कुछ दूरी पर रखें।
*-ध्यान रहे, ऐसा करते वक्त हथेलियां आसमान की तरफ रहें।
*-दोनों पैरों को सीधा रखें और उनके बीच कुछ दूरी बनाए रखें।
*-पूरे शरीर को एक दम ढीला छोड़ दें।
*-अब अपनी आंखों को बंद करें और ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें।
*-हल्की-हल्की सांस लें और विचार करें कि आपका शरीर पूरी तरह से हल्का हो गया है।
*-इस दौरान विशेष ध्यान दें कि आपका मस्तिष्क पूरी तरह से शांत रहे।
*-करीब चार से पांच मिनट तक इस स्थिति में बने रहें।
*-अंत में प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं।
सावधानियां :
*-ध्यान रहे, इस आसन में आप सोएं नहीं।
*-गर्भवती महिलाएं अभ्यास के दौरान गर्दन के नीचे तकिये का इस्तेमाल करें।

योग फॉर डायबिटीज के इस लेख में आपने जाना कि योग आसन के तरीके केवल मन को शांति और तनाव से मुक्ति ही नहीं देते, बल्कि शुगर जैसी गंभीर बीमारी से राहत दिलाने में भी सहायक साबित होते हैं। वहीं, डायबिटीज के लिए योगासन के तरीकों और उनसे जुड़ी सावधानियों के बारे में भी आपको लेख के माध्यम से पता चल चुका है। फिर देर किस बात की, आज से ही योग को अपनी जिंदगी में शामिल करें और शुगर जैसी अन्य कई बीमारियों को अलविदा कहें। उम्मीद है कि यह लेख आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। इस विषय से संबंधित अन्य कोई सुझाव या सवाल हो, तो नीचे दिए गए कॉमेंट बॉक्स के जरिए हमें जरूर बताएं।

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20 अक्तू॰ 2019

झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची की लाश, सिर पर घाव होने से हत्या की आशंका



हरदोई के बघौली थाना क्षेत्र में हरदोई-लखनऊ मार्ग पर ग्राम गोपीपुरवा के पास रविवार सुबह नवजात बच्ची का नग्न शव झाड़ियों में पड़ा मिला। सिर पर घाव होने से ग्रामीण हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जता रहे हैैं। वहीं पुलिस ने रात में किसी वाहन से लाकर शव फेंके जाने से सिर में चोट आने की बात कही है। थाना क्षेत्र में हरदोई-लखनऊ मार्ग पर गोपीपुरवा गांव स्थित है। रविवार सुबह गांव के कुछ बच्चे सड़क किनारे जा रहे थे। उन्होंने झाड़ियों में देखा तो नवजात बच्ची का शव मिला। बच्चों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ कर शव को कब्जे में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्ची के सिर पर गहरा घाव था। जिससे हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका है। एसओ फूलचंद्र सरोज ने बताया कि मौत के बाद बच्ची का शव रात में किसी वाहन में लाकर फेंका गया है। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
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जम्मू कश्मीर में शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाले वाला जायेगा जेल



श्रीनगर : भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने रविवार को यहां कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधान समाप्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और जो भी इसके रास्ते में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करेगा, उससे कड़ाई से निपटा जायेगा.

माधव ने कहा, अभी तक कश्मीर में सिर्फ कुछ परिवारों या कुछ नेताओं के लिए काम किया जाता था, लेकिन अब जो कुछ हो रहा है, वह इस राज्य के लाखों परिवारों के लिए, आम कश्मीरियों के लिए हो रहा है. उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर के लिए अब दो ही मार्ग होंगे शांति एवं विकास, और जो कोई इसके बीच में आयेगा, उससे कड़ाई से निपटा जायेगा. उनके लिए भारत में कई जेल हैं. भाजपा नेता यहां टैगोर हॉल में पार्टी की युवा इकाई के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जो अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किये जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद से पहला राजनीतिक कार्यक्रम था.

उन्होंने नेताओं से कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल न करें. अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किये जाने के बाद पहली बार घाटी के दौरे पर आये माधव ने कहा कि यदि 200 से 300 लोगों को शांति एवं विकास प्राप्त करने के लिए जेल में रखना पड़े तो हम उन्हें रखेंगे. उन्होंने कहा, आप शांति भंग किये बिना भी अपनी राजनीति कर सकते हैं. कुछ नेता जेल में बैठकर यह संदेश भेज रहे हैं कि लोग बंदूक उठाकर शहादत देंगे. मैं उन नेताओं से कहना चाहता हूं कि पहले स्वयं आगे आकर शहादत दें. उन्होंने कहा, यहां पर नेता आमलोगों को अपनी राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रहे थे और आम जनता का इस्तेमाल किया जा रहा था. अब हम इस तरह की राजनीति नहीं होने देंगे. हम विकास की राजनीति चाहते हैं और भ्रष्टाचार का यहां से पूरी तरह से उन्मूलन होगा.

भाजपा नेता ने कश्मीर के लोगों की नौकरी या जमीन गंवाने संबंधी आशंका को लेकर भरोसा देते हुए कहा कि यहां नयी नौकरियों और मौकों का निर्माण किया जायेगा. सभी तरह का ऐहतियात बरता जायेगा ताकि जम्मू कश्मीर की पहचान, संस्कृति, नौकरी और शिक्षा को कोई नुकसान नहीं हो. उन्होंने किसी का नाम लिये बिना कहा, आप किससे भयभीत हैं, जब सभी (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी से भयभीत हैं. वे कागज के शेर हैं और मुझे पता कि उनमें कितना साहस है. उन्हें जब कोई फोन कॉल आता है तो वे कांपने लगते हैं. माधव ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि अपने देश को कैसे संभालना है, लेकिन वह अक्सर कश्मीर के बारे में बातें करते हैं. 

उन्होंने कहा, इमरान खान दिन में एक या दो बार कश्मीर का मुद्दा उठाते हैं. उन्हें नहीं पता कि अपने देश को कैसे संभालना है और वह एफएटीएफ प्रतिबंधों से बाल-बाल बचे हैं. वह सीमापार से गोलीबारी या आतंकवाद के लिए जो भी प्रयास करेंगे, हमारे सुरक्षा बल उससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि देश के लोग कश्मीरियों को गले लगाने के लिए तैयार हैं और उन्हें शांति बनाये रखना चाहिए. उन्होंने कहा, मैं जहां भी जाता हूं, मैं कहता हूं कि कश्मीर के लिए जो कुछ भी किया जाना था, वह मोदी द्वारा किया गया है और अब पूरे भारत के लोगों को कश्मीरियों को गले लगाना है.

हम भाजपा में जब कहते थे कि कश्मीर हमारा है, इसका यह मतलब नहीं था कि कश्मीर की जमीन हमारी है, बल्कि यह था कि प्रत्येक कश्मीरी हमारा है. पूरा भारत इसका आपको भरोसा देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, जब शांति होगी, यहां पर्यटन बढ़ेगा. मैं सभी जगह लोगों से कहता हूं कि यदि आपको छुट्टी मनाने के लिए जाना है तो कश्मीर जाइये. पूरा देश कश्मीर को गले लगाने के लिए तैयार है और जम्मू कश्मीर के लोगों को केवल उनका स्वागत करने का निर्णय करना है और यहां शांति बनाये रखनी है.
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सेना प्रमुख- POK में भारतीय सेना ने तीन आतंकी कैंप तबाह किये, 6-10 पाक सैनिक मारे गये


नयी दिल्‍ली :पाकिस्तान की ओर से अकारण की गई गोलीबारी के जवाब में भारतीय सेना ने रविवार को तोपखाने का मुंह खोलते हुए नियंत्रण रेखा पर जम्मू कश्मीर के तंगधार सेक्टर के पास सीमा पार स्थित कम से कम तीन आतंकी शिविरों और पाक सेना के कई ठिकानों पर भीषण हमला किया जिसमें 6 से 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए.
भारतीय सेना की कार्रवाई पर सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा, PoK में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाने के लिए तोपखाने की तोपों का इस्तेमाल किया गया. उन्‍होंने बताया, जब से अनुच्‍छेद 370 को जम्मू-कश्मीर से निरस्त किया गया, हमें राज्य में शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के लिए सीमा पार से आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ के बार-बार इनपुट मिल रहे हैं.
धीरे-धीरे घाटी में हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन जाहिर है कि पाक और पीओके में कुछ लोग आतंकवादी और एजेंसियों के इशारे पर काम कर रहे हैं, जो शांतिपूर्ण माहौल को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं.
सेना प्रमुख ने कहा, बीते कुछ महीनों में घुसपैठ के प्रयास की कई घटनाएं सामने आई हैं. हमारे पास पुख्ता सूचना थी कि कुछ आतंकी घुसपैठ की कोशिश में हैं जिसके बाद यह ऐक्शन लिया गया. आर्मी चीफ ने कहा, आतंकी घुसपैठ के लिए नये-नये तरीके अपना रहे हैं, लेकिन हम उनका मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
गौरतलब हो भारतीय सेना की गोलाबारी में करीब 22 से अधिक आतंकवादी भी मारे गये हैं. जवाबी कार्रवाई ऐसे समय की गई जब शनिवार शाम पाकिस्तान की गोलीबारी में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए और एक आम नागरिक मारा गया.
भारतीय सेना के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने कल शाम तंगधार सेक्टर के भारतीय क्षेत्र में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए अकारण संघर्षविराम उल्लंघन शुरू कर दिया.
अधिकारी ने कहा कि भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में आतंकवादियों के लॉंच पैडों और इन लॉंच पैडों को सुरक्षा प्रदान करने वाली अनेक पाकिस्तानी चौकियों तथा कुछ शस्त्र स्थलों को निशाना बनाया गया.
उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान सीमा पार से आतंकी गतिविधियों में मदद देना जारी रखता है तो भारतीय सेना को अपने हिसाब के समय और जगह पर जवाब देने का अधिकार है.
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी ठिकानों तथा आतंकी शिविरों को निशाना बनाने की तुलना 2016 में भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक से नहीं की जानी चाहिए. इस बीच, पाकिस्तानी सेना ने रविवार को कहा कि भीषण गोलीबारी में कम से कम नौ भारतीय सैनिक मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं, लेकिन भारतीय सेना ने इस दावे का खंडन किया है.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया कि झड़पों में पाकिस्तान ने भी अपना एक सैनिक और तीन नागरिक खो दिए. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद जिला उपायुक्त बदर मुनीर ने मीडिया से कहा कि नौसेरी सेक्टर तथा पास में नीलम घाटी के जुरा सेक्टर के क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं.
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फैसला देते समय कोर्ट बहुधर्म और बहुसांस्कृतिक मूल्यों को कायम रखे


सुप्रीम कोर्ट को अयोध्या राम जन्मभूमि पर अनुच्छेद 142 में प्राप्त विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर देश हित में फैसला देना चाहिए।li
माला दीक्षित, नई दिल्ली। अयोध्या राम जन्मभूमि पर मालिकाना हक का दावा कर रहे छह मुस्लिम पक्षकारों ने सुप्रीम कोर्ट में मोल्डिंग ऑफ रिलीफ यानी वैकल्पिक राहत पर पक्ष रखते हुए कहा है कि फैसला कुछ भी हो इसका असर भावी पीढि़यों और देश की राजनीति पर पड़ेगा। कोर्ट विवाद का हल निकालते समय बहुधर्म और बहु सांस्कृतिक मूल्यों को कायम रखे। मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट को संविधान का प्रहरी बताते हुए कहा है कि वैकल्पिक राहत पर विचार करते समय इसका भी अवश्य ख्याल रखा जाए कि आने वाली पीढि़यां इस फैसले को कैसे देखेंगी।
मुस्लिम पक्ष की सुप्रीम कोर्ट से वैकल्पिक राहत की मांग
मुस्लिम पक्ष के छह अपीलकर्ताओं की ओर से शनिवार को सील बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में वैकल्पिक राहत की मांग दी गई थी। मुस्लिम पक्ष की ओर से सील बंद लिफाफे में वैकल्पिक राहत दाखिल करने पर हिंदू पक्ष ने ऐतराज जताया था और इस बावत सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेट्री जनरल को पत्र भी दिया था। जिसके बाद मुस्लिम पक्ष ने रविवार को हिंदू पक्ष के वकीलों को वैकल्पिक राहत का कोर्ट में दिया गया ब्योरा उपलब्ध कराया। सुन्नी वक्फ बोर्ड की एक अपील में वकील शकील अहमद सहित कुल पांच वकीलों एजाज मकबूल, एमआर शमशाद, इरशाद अहमद और फुजैल अहमद की ओर से वैकल्पिक राहत की मांग पर स्टेटमेंट जारी किया गया है।
कोर्ट के फैसले का असर भावी पीढि़यों और देश की राजनीति पर पड़ेगा
जिसमें मुस्लिम पक्षकारो ने कोर्ट से वैकल्पिक राहत पर कहा है कि इस मामले में कोर्ट का फैसला जो भी लेकिन उसका भावी पीढि़यों पर असर होगा। इसके अलावा देश की राजनीति भी प्रभावित होगी। फैसले का उन लाखों नागरिकों के मन पर असर पड़ेगा जो उन संवैधानिक मूल्यों में विश्वास करते हैं, जिसे 26 जनवरी 1950 को भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित करते वक्त अपनाया गया था।
वैकल्पिक राहत तय करना कोर्ट की जिम्मेदारी है- मुस्लिम पक्षकार
मुस्लिम पक्षकारों का कहना है कि इस फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे इसलिए कोर्ट वैकल्पिक राहत को इस तरीके से तय करे जिसमें वे संवैधानिक मूल्य परिलक्षित हों जिन्हें देश ने अपनाया है। उनका कहना है कि कोर्ट विवाद का हल निकालते समय देश के बहुधर्म और बहुसांस्कृतिक मूल्यों को कायम रखे। कोर्ट संविधान का प्रहरी है और वैकल्पिक राहत तय करना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसा करते समय कोर्ट इस बात पर अवश्य विचार करे कि भविष्य की पीढि़यां इस फैसले को कैसे देखेंगी।
हिंदू-मुस्लिम पक्षों ने वैकल्पिक राहत पर अपना पक्ष कोर्ट में दाखिल किया
सुप्रीम कोर्ट ने गत 16 अक्टूबर को मामले में फैसला सुरक्षित रखते वक्त सभी पक्षकारों को तीन दिन के भीतर वैकल्पिक राहत के बारे में लिखित नोट दाखिल करने की छूट दी थी। जिसके बाद हिंदू-मुस्लिम सभी पक्षों ने शनिवार को वैकल्पिक राहत पर अपना पक्ष कोर्ट में दाखिल किया था।
देश हित में फैसला दे कोर्ट- सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड
मुस्लिम पक्ष में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की एक अपील में वकील सैयद शाहिद रिजवी ने अलग से वैकल्पिक राहत दाखिल कर कहा है कि कोर्ट अनुच्छेद 142 में प्राप्त विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर देश हित में फैसला दे। जबकि सुन्नी वक्फ बोर्ड की दूसरी अपील में वकील शकील अहमद सईद ने बाकी मुस्लिम पक्षों के साथ उपरोक्त नोट ही कोर्ट को दिया है।
पूरी जमीन रामलला विराजमान को मिलनी चाहिए- हिंदू पक्ष
हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल वैकल्पिक राहत में पूरी जमीन रामलला विराजमान को देने की बात कही है और कोर्ट से विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर पूर्ण न्याय करने की गुहार लगाई गई है।
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