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18 जन॰ 2020

10 महीने के बच्चे का विकास एवं वृद्धि प्रक्रिया

10 month old baby's growth and development process
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इस चरण की विशेषता यह है कि शिशुओं में एक स्वतंत्र प्रवृत्ति होती है जिसमें उनके अंगों और लचीलेपन का बहुत ज़्यादा उपयोग होता है। कुछ चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें क्योंकि वे पूर्णता के साथ बढ़ते हैं। आप उनके लिए सुरक्षात्मक होने की चाह को नियंत्रित करें और उन्हें दुनिया के बारे में जानने का अवसर दें। अपने बच्चे को एक सुरक्षित क्षेत्र में रखें जहाँ दुर्घटना की संभावना कम हो। आप उनमें बड़े बदलावों को देखेंगे और निश्चित रूप से अपने बच्चे की खुद की जाने वाली गतिविधियों में भारी बदलाव देखेंगे।

शिशु की शारीरिक वृद्धि
शारीरिक वृद्धि के संदर्भ में आपके बच्चे का वज़न, अपने जन्म के वज़न का लगभग तीन गुना होता है। शिशुओं का अपने जन्म के एक वर्ष पूर्ण होने तक उनका आकार तिगुना होना काफी आम बात है। शारीरिक वृद्धि की गति हर बच्चे में अलग-अलग होती है और उनके जीन्स शिशुओं के आकार और वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।बच्चे की वृद्धि के लिए भोजन का सेवन और बच्चा जिस माहौल में बढ़ता है वह भी एक बड़ा योगदान कारक है। बच्चे के शारीरिक विकास का पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका होता है यह देखना कि क्या वे अभी भी अपने पुराने कपड़ों में फिट आते हैं या नहीं। इसकी संभावना अधिक है कि वे उन कपड़ों के हिसाब से अधिक बड़े हो जाते हैं जो उन्होंने कुछ सप्ताह पहले पहने थे, आप यह भी देख सकते हैं कि इस समय तक वे खाट में अधिक जगह घेरते हैं। जब आप उन्हें अपनी बाहों में पकड़ते हैं तो उन्हें पहले से बड़ा देखकर आप आश्चर्यचकित हो सकते हैं। वृद्धि परिवर्तन धीरे-धीरे होता है, लेकिन दृश्यमान संकेत इस स्तर पर उत्पन्न होते हैं।

शिशु का विकास
शिशु घिसटना और एक अनोखे तरीके से घुटनों के बल चलना शुरू कर देता है। घिसटना, सीखने की दृढ़ क्षमता से जुड़ा हुआ है जबकि पैरों और हाथों का चलाना मस्तिष्क के बाएं और दाहिने पक्षों से जुड़ा होता है।शिशु इस प्रक्रिया में धीरे-धीरे परिपक्व होता है और उसे एक वॉकर की अब आवश्यकता नहीं होती है। आपका दस महीने का बच्चा अब किसी भी स्थान के करीब पहुँच सकता है और इसलिए उसकी सुरक्षा आपकी प्राथमिक चिंता बन जाती है। नीचे कुछ विकासात्मक चरणों के बारे में बताया गया है, जो हर शिशु के जीवन में आता है:

40वें सप्ताह के शिशु का विकास
शिशु अब सरल शब्दों और वाक्यांशों को समझना शुरू कर देता है इसलिए उससे बातचीत करते रहें। बच्चों की बोली से बचें, शिशु को भाषा से अवगत करने का यह बिलकुल सही समय है। उदाहरण के लिए, यदि वह कहता है कि “बा-बा”, तो जवाब देकर पूछें, “क्या आप खिलौना चाहते हैं?” जब वह एक साधारण शब्द बोलता है तो उसे वस्तु दिखाएं। इससे उन्हें शब्दों को चीजों से संबंधित करने में मदद मिलती है। वार्तालाप, उन्हें बोलना सिखाने का एक शानदार तरीका है। भले ही शिशु अस्पष्ट उच्चारण करे, आप उसका जवाब देते रहें, वह अंततः प्रवाह में बोलना सीख जाएंगे।

41वें सप्ताह के शिशु का विकास
फुर्तीली उंगलियों के साथ, एक मजबूत चिमटी वाली पकड़ (अंगूठे और तर्जनी की पकड़) के साथ आपका बच्चा अब अपनी कलाई को टिकाए बिना वस्तुओं को उठा सकता है। छोटी चीजें और सामान उसे आकर्षित करते हैं और आपको यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि उसके आसपास कोई खतरनाक पदार्थ न हों।शिशु को पकड़ पर प्रोत्साहित करने के लिए पके हुए फलों, सब्जियों या लंबे कटे हुए खाने के टुकड़ों को पकड़ाएं।

42वें सप्ताह के शिशु का विकास
आपके शिशु को अब आपकी इतनी ज़रूरत नहीं होगी, जितनी उसे कुछ महीने पहले थी। एक बच्चा अपने खड़े होने, चलने या बैठने की कोशिश से स्वतंत्र होने की अपनी क्षमता प्रदर्शित करता है। जब आप शिशु को ड्रेस पहनाते हैं तो उसकी कपड़े पहनने की उत्सुकता को देख सकते हैं। वह खाने के लिए कप या चम्मच को पकड़ने की कोशिश में गहन एकाग्रता दिखाता है। बच्चों को चीज़ें गिराने और दूसरों को उसे उठा लेने जैसा खेल बहुत दिलचस्प लगता है। इस उम्र तक, वे चीजों को पकड़ने और उन्हें फेंकने की कला में महारत हासिल कर लेते हैं। आपके बच्चे की स्वतंत्रता अब स्पष्ट है तो आप भी तुरंत झुकने और दौड़ने के लिए तैयार रहें ।

43वें सप्ताह के शिशु का विकास
शिशु अब अपने साथियों और भाई-बहनों के साथ का आनंद लेगा। आप देखेंगे कि वे अपने आयु वर्ग के बच्चों के साथ खेलकर उनके साथ शामिल होने की कोशिश भी करता है। यह उनके सामाजिक कौशल को विकसित करने का एक अच्छा समय है, अन्य बच्चों के साथ उसे अच्छी तरह से मिलाने की कोशिश करें। हालांकि वह एक दोस्त की अवधारणा को समझने के लिए बहुत छोटा है, फिर भी यह मिलाप बच्चों के एक समूह के बीच व्यवहार करने के तरीके को जानने की शुरुआत है। वह चीजों को देख कर सीखेगा और अपने जैसों के साथ बिताए समय का आनंद भी लेगा।

शिशु का स्वास्थ्य
गतिशीलता, लचीलापन और धारण क्षमता की वृद्धि के साथ शिशु, चीजों को अपने मुँह में भी डाल सकता है। दसवें महीने में, एक बच्चे को पूरी तरह से साफ सुथरा रखना असंभव है। जब वे किसी पार्क में जाते हैं, तो वे कीचड़ में खेलना चाहेंगे और गंदी चीजों को पकड़ेंगे। जब आप बाहर जाएं तो वाइप्स या सैनिटाइज़र साथ रखें और साथ ही गंदगी को पोंछने के लिए हमेशा अपने बैग में एक खाली तौलिया या कपड़ा रखें।

10 महीने के शिशु की उपलब्धियाँ
विकासात्मक सफलताएं – संज्ञानात्मक, शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक पहलुओं में प्राप्त होती हैं। प्रत्येक श्रेणी में बच्चे का अच्छी तरह से विकास सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट उपलब्धियाँ हैं।
संज्ञानात्मक उपलब्धियाँ:
इसमें दस महीने के बच्चे की चंचलता, वैचारिक कौशल, और बुद्धि शामिल है।

  • वस्तु स्थायित्व – किसी वस्तु के अस्तित्व को पहचानने की क्षमता को कहा जाता है। इस स्तर पर, बच्चे जानते हैं कि एक छिपी हुई वस्तु पूरी तरह से गायब नहीं होती है। इसलिए यदि वे अपने माता-पिता को गायब पाते हैं, तो वे उतने व्याकुल नहीं होते हैं, जितने पहले हुआ करते थे।
  • जिज्ञासा और जानने की इच्छा – आपका बच्चा अपनी दृष्टि से वस्तुओं को देखने के लिए उत्सुक हो सकता है। अगर कोई भी चीज़ उनकी दृष्टि से कुछ दूर हो जाती है, तो वे उसे देखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करते हैं।
  • चित्रों और पोस्टर में रुचि – आपका बच्चा चित्रों और रंगीन चीजों को देखना पसंद करता है । वे चित्रों वाली कहानियों को सुनना और जानकारी को ग्रहण करना पसंद करता है । एक शिशु का मस्तिष्क अब छवियों, ध्वनियों और चित्रों को संसाधित करता है , जो समन्वय प्रक्रिया में मदद करेंगे।
  • शब्दों का मेल – शिशु अब शब्दों और उनकी प्रासंगिकता को संबद्ध करेगा । वह “हाँ”, “नहीं”, या ‘हैलो’ जैसे मूल शब्दों की व्याख्या करने में सक्षम होगा।
  • इशारों और क्रियाओं को दोहराएगा– शिशु आपकी की हुई क्रियाओं को याद रखेगा और उसकी नकल भी करेगा, वह प्रतिक्रिया पाने के लिए क्रियाओं का उपयोग भी करेगा ।
  • लोगों को संबोधित करना – इस समय तक, बच्चे अपने माता और पिता को उनके नाम से पहचानना और संबोधित करना शुरू कर देते हैं।
  • अनुरोधों को समझना – इस समय तक, शिशु आपके द्वारा किए गए अनुरोधों को भी समझ सकता है और यदि वह विद्रोही प्रकार का नहीं है, तो अधिक संभावना है कि वह प्रतिक्रिया देगा।


शरारीक उपलब्धियाँ :
निम्लिखित पंक्तियों में 10 महीने के शिशु के शारीरिक गुणों और गतिविधियों का उल्लेख किया गया है:

रेंगने में माहिर – आपका बच्चा अब चतुराई से रेंगते हुए घर के हर नुक्कड़ और कोने का पता लगाएगा।
हाथों की चुटकी का उपयोग करना – 10 महीने का बच्चा अब चीजों पर पकड़ बनाने के लिए अपनी तर्जनी और अँगूठे का इस्तेमाल कर सकेगा।
बैठना शुरू कर दिया है – जब आपका बच्चा अपने पेट के बल लेटे रहने से ऊब जाएगा, तो वह पलटना और बैठना शुरू कर देगा, इस दौरान पीठ और पेट की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं।
खड़े होने की कोशिश करना – किसी सहारे का उपयोग करते हुए, आपका बच्चा अब खड़े होने का प्रयास करेगा और अंततः चलने और दौड़ने की कोशिश करेगा।
चलने का प्रयास – सहारा लेकर खड़े होने के दौरान, आपका शिशु यह देखने के लिए पैर बढ़ाने की कोशिश कर सकता है कि क्या वह चल सकता है। आखिरकार, वह कुछ समय में एक कदम उठाते हुए, सहारा लेकर आगे बढ़ना सीख जाएगा ।
कृंतक का विकास – आठवें महीने से कृंतक आना शुरू होते हैं और दसवें महीने तक, शिशु भोजन कृंतको से काटकर खाना शुरू कर देगा।
दृष्टि में वृद्धि – दृष्टि जल्दी विकसित होती है और आपका बच्चा अब उन्नत दृष्टि के कारण अपने हाथों और पैरों को समन्वयित करने में सक्षम हो जाएगा।

सामाजिक और भावनात्मक उपलब्धियाँ :
आपका शिशु अब अपने सामाजिक मेलजोल की तैयारी करता है और साथ ही भावनात्मक मिज़ाज़ सीखता है।

बाय-बाय करना – दस महीने का शिशु इस समय समझता है कि “बाय” का क्या मतलब है और वह भी अपने हाथों को हिलाकर बाय करता है।
अजनबियों पर आशंका – आपका बच्चा अब अजनबियों के साथ का विरोध करता है या असुरक्षित महसूस करता व उनके आसपास रहने से इंकार भी करता है।
जुदाई का दर्द – दस महीने की उम्र में, बच्चे अपने परिचितों से चिपक जाते हैं और उनसे अलग होने पर रोते हैं।
प्रतिक्रियाएं – आप देखेंगे कि आपका बच्चा अजीबोगरीब आवाज़ों, शोर या यहाँ तक कि जब आप उसका खिलौना छीन लेते हैं तो प्रतिक्रिया देता है।

सभी उपलब्धियाँ आपको यह बताती हैं कि एक शिशु इस स्तर पर क्या हासिल कर सकता है। सभी बच्चे एक-दूसरे से अलग होते हैं और उनकी क्षमता के अनुसार उनके कौशल भी अलग-अलग होते हैं। इस चरण का आनंद लें और चिंता के किसी भी संकेत का ध्यान रखें।

व्यवहार
शिशु जब अन्य लोगों के आस-पास हो तो उसकी प्रतिक्रियाओं का ध्यान रखें । इस उम्र में, बच्चों की अपनी आँखों से स्क्रीनिंग करने और घूरने का एक पैटर्न होता है। इसलिए वे यथासंभव जानकारी को आत्मसात करने की कोशिश करते हैं और इसलिए अत्यावश्यक है कि वे अच्छे से सोएं। दिन के दौरान कुछ घंटों की नींद उनके शरीर को बेहद ज़रूरी आराम देगी और उनके मस्तिष्क को रिचार्ज करेगी। यह अनुभव, उनके व्यक्तित्व और व्यवहार को और भी निखारता है। अगर आप देखते हैं कि आपका बच्चा अन्य बच्चों के साथ खेलने में कम दिलचस्पी दिखाता है तो चिंता न करें। बच्चे इस उम्र में थोड़ा सा अहंकार प्रदर्शित करते हैं और साथ का विरोध करते हैं। उनमें करीबी निगरानी रखें और उन्हें यह समझने में मदद करने की कोशिश करें कि उनके लिए किस तरह का व्यवहार उचित है।

10 महीने के शिशु की गतिविधियाँ
  • अपने दस महीने के बच्चे के साथ खेलें, उनके साथ आसपास के वातावरण का अन्वेषण करें। उन्हें खाली करने, भरने, वस्तुओं को एक के ऊपर एक रखने और पहचानने के खेल में व्यस्त रखें।
  • एक खिलौने वाला फोन लाएं जो आवाज़ करता हो, बच्चे के फोन को कान पर रखने और बोलने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश करें, इससे उसकी बोलने की क्षमता में सुधार होगा।
  • बच्चे की पाँचों इंद्रियों को एकीकृत करने के लिए उनके साथ किताबें पढ़ें, पढ़ने से उन्हें उन चीजों के समन्वय में मदद मिलेगी जिन्हें वे देखते हैं और जानकारी भी हासिल करते हैं।
  • आपका बच्चा भूमिका निभाने की अवधारणा को समझ जाएगा, अपनी अलमारी से कुछ खींचकर उन्हें यह दिखाएं कि आप खेल रहे हैं और शिशु की कल्पनाओं को प्रेरित करें ।

10-महीने के शिशु की देखभाल
दस महीने का शिशु, अच्छी वृद्धि-दर के साथ विकासात्मक उपलब्धियाँ प्राप्त करता है। स्वस्थ आहार, भोजन का उचित सेवन, पर्याप्त आराम और नींद व कौशल का उचित पोषण बच्चों को प्रत्येक चरण से काफी आसानी से गुज़रने में मदद करता है। यह सबसे अच्छा है कि उन पर ज़ोर न डालें और उन्हें अपने दम पर चीजों को करना सीखने के लिए प्रोत्साहित करें। प्रत्येक शिशु अलग होता है और चीजों का पता लगाने के लिए एक अलग गति चुनता है। उनकी प्रगति पर निगरानी रखें और यदि आपको लगता है कि कोई रुकावट है, तो चिकित्सक से परामर्श लें । इस स्तर पर आपके शिशु को सिर्फ अच्छी देखभाल, अविभाजित ध्यान और बहुत सारे प्यार की ज़रूरत होती है।

खान-पान
आपका बच्चा खाने की तुलना में स्फूर्तिदायक होने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकता है। ऐसे मामले में घबराएं नहीं, उनके खाद्य पदार्थों में बहुत सारी अलग-अलग चीजें शामिल करें। रचनात्मक रहें और घर के बने भोजन ही बच्चों को खिलाएं। दूध को ठोस खाद्य पदार्थों के साथ एक आवश्यक पेय पदार्थ बनाना लाभदायक होता है। एक वर्ष की आयु तक, बच्चे अपने खाद्य पदार्थों की सीमा को सीमित कर देते है इसलिए यदि आप पहले से ही उन्हें विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ देते हैं, तो वे इसके आदि हो जाएंगे।

सोना
दस महीनों में, बच्चे दिन में केवल दो बार सोते हैं। यदि वे जल्दी उठते हैं, तो वे नाश्ते के बाद फिर सो सकते हैं। आपको उनमें थकान के लगातार लक्षण दिखाई देंगे जब आप उन्हें खेलते हुए कई बार गिरते हुए या जम्हाई लेते हुए देखेंगे।। आपका बच्चा बार – बार आपसे लिपटना चाहेगा और लगातार जागते रहने का विरोध करेगा। शांति से दिन व रात के सोने की दैनिक प्रक्रिया का अनुसरण करें।

माता-पिता के लिए सुझाव
यहाँ कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिन्हें आपको 10 महीने के शिशु की देखभाल करते समय याद रखना अनिवार्य है:

  • बहुत सी चीजों का पता लगाने के साथ, आपका ऊर्जा किसी और चीज़ के बजाय रोमांचक कार्यो पर ध्यान केंद्रित कर रही है। दस महीने के बच्चे के लिए शिशु की गतिविधियों पर शोध करें और उनकी ऊर्जा को बाहर निकालने के लिए उन्हें गतिविधियों में व्यस्त करें।
  • 10 महीनों में शिशु के विकास में व्यवहार परिवर्तन, खोज की इच्छा, कुछ संसक्त शब्द और साथ ही मुखर व्यक्तित्व का विकास होता है। बच्चों को सहयोग और प्रोत्साहित करके इस चरण का आनंद लें।
  • 10 महीने के शिशु के वज़न का पता लगाने के लिए ग्रोथ चार्ट आपके बच्चे के सही रास्ते पर होने या न होने का सबसे अच्छा कैलकुलेटर है। अपने बच्चे के विकास के स्तर पर नज़र रखने के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ से सही समय पर मिलें।

दस महीनों में, आपका शिशु खड़ा होना, अपने दम पर चलना, खाना, चढ़ना, मुखर होना और बहुत कुछ अनजाने क्षेत्र में कदम रखता है। यह केवल ठुमक कर चलने वाला बच्चा बनने का दौर है,और आपको इसका आनंद लेना और उसकी गति का ख़याल भी रखना होगा।
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12 महीने के बच्चे का विकास एवं वृद्धि प्रक्रिया

12 month old baby's growth and development process
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आपको शायद यह पता चल गया होगा कि प्रत्येक माह बल्कि प्रत्येक सप्ताह, आपके शिशु में काफी बदलाव लाता है। यह सबसे आश्चर्यजनक प्रक्रियाओं में से एक है जिसे आप अपने शिशु की शारीरिक वृद्धि और उनके समग्र विकास के संदर्भ में देख सकती हैं। आपका जिगर का टुकडा इस पड़ाव में थोड़ी उछल-कूद करने लगता है और आपके लिए प्यारी सी परेशानियाँ पैदा करता है, साथ ही वह माँ जैसे शब्दों को भी बोलने लगता है, यदि आपका लाडला अब भी ज़मीन में रेंग कर चलता है तो चिंता न करें! वह अपने समय से सब सीख जाएगा।

शिशु की वृद्धि
शिशु की शारीरिक वृद्धि एक अनूठे मार्ग का अनुसरण करती है और हर महीने कई आश्चर्यजनक और नई चीजों को सामने लाती है।

शिशु का विकास
आपका बच्चा अपने 12 महीनों में एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुका है। इस समय, वह बुनियादी निर्देशों को समझना शुरू करता है और धीरे-धीरे चलना शुरू करता है। वह परिवार के तथा बाहर के परिचित चेहरों को भी पहचानने लगता है और वह उन चीजों पर प्रसन्नता व्यक्त कर सकता है जो उसे पसंद है। वह कभी इस तरफ तो कभी उस तरफ झुककर अपनी दुनिया की खोज करने में व्यस्त रहता है। आप बस देखते रहिए, एक एक मुकाम आते रहेंगे।

48वें सप्ताह में शिशु का विकास
आपका बच्चा अब थोड़ा बड़ा हो गया है और आप उसमें आने वाले परिवर्तनों को देखने के लिए अत्यधिक उत्साहित होंगे । उसकी बड़बड़ाहट जल्द ही शब्दों और पूरे वाक्यों में बदल जाएगी, रेंगने वाले छोटे पैरों से जल्द ही चलने की आवाज़ भी आने लगेगी। इससे पहले कि आप बहुत ज़्यादा उत्सुक हों हम आपको बताएंगे कि ग्यारह महीने के बच्चों से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं। शिशु थोड़ा पैदल चल सकते हैं, लेकिन पास की चीजों का सहारा लेकर चलने की अधिक संभावना है। यदि वे खुद से चलने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं तो भी ठीक है, वे जल्द ही वहाँ तक पहुँचेंगे। उनकी बड़बड़ाहट उन सवालों और वाक्यों की तरह लगने लगेगी जैसे हम बड़े बोलते हैं।

49वें सप्ताह में शिशु का विकास
हाँ जी! आपने कर दिखाया ! आपका बच्चा अंततः 12 महीने का हो गया है और इसपर आपको बहुत ज़्यादा गर्व होना स्वाभाविक है। अब आपको अपने शिशु से उसकी बोतल की आदत छुड़वानी होगी और थोड़े बड़े बच्चों वाली आदतें डालनी होगी। बोतल का उपयोग अब सोने के समय ही करें और उसे धीरे-धीरे दूध के कप और कहानियों के सहारे सुलाने की आदत डालें ।

आपके शिशु के मुँह से निकली आवाज़ वास्तविक शब्दों की तरह लगने लगे है, है ना? आप अपने शिशु के हर उस बड़बड़ाहट को प्रोत्साहित करें जो भी वह बोलना चाहता हो, चाहे वह स्पष्ट न भी हो। उसके छोटे से मुँह से निकलने वाले हर एक शोर का जवाब दें और उसे प्रोत्साहित करें।

50वें सप्ताह में शिशु का विकास
वह दिन आ ही गया जब आपका नन्हा सा शिशु अब एक बच्चा बन चुका है। इस समय तक आपके शिशु का वज़न, जन्म के समय रहे वज़न से लगभग तीन गुना बढ़ जाता है। उनकी पैरों की मांसपेशियाँ और वज़न दोनों ही विकसित हो जाते हैं और इस दौरान वे वास्तव में अपने पैरों पर चलने लगते हैं। औसतन 12 से 13 महीने बाद एक बच्चा अपना पहला कदम रखता है। आप, उनकी शब्दावली का विस्तार करें और उनके सामने ऐसे सर्वनामों का उपयोग करें, जैसे “मैं पार्क में जा रही हूँ”, बजाय इसके कि “मम्मा पार्क जा रही है”।

51वें सप्ताह में शिशु का विकास
आपके शिशु के पहले जन्मदिन के लिए सिर्फ एक हफ्ते का समय शेष है और आप अभी उसे शुरुआती आहार दें रही हैं और उन्हें चलने और विकसित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। अगर आपको उन्हें सुलाने और बोतल से दूध पीने की आदत को छुड़ाने में परेशानी हो रही है, तो चिंता न करें। आपके शिशु को दूध की बोतल छोड़ने में मुश्किल हो सकती है ऐसा करने के लिए आप उनके दूध में पानी मिला सकती हैं जब तक उसे पानी की आदत न पड़ जाए और फिर आप बोतल की जगह कटोरी में देना शुरू करें। सुनिश्चित करें कि उसके सोने का समय बेहतर रहे और पूरे दिन-भर में उनकी सारी ऊर्जा सक्रिय रहे।

आपका बच्चा अब बड़ा हो रहा है और यह चुनौतियों की एक पूरी नई श्रृंखला प्रस्तुत करता है। अपने परिवार के जिज्ञासु कुत्ते को उसकी पहुँच से बाहर रखना होगा। अब आपके लिए एक बड़ी चुनौती उसे सुलाने की भी है। शिशु की समझ बढ़ रही है, उसे यह समझ आया है कि उसकी खाट पर पट्टियाँ हैं जिस पर वह झूल सकता है और आप उसे अपने हाथों से रोकने का प्रयास करेंगी।

शिशु का स्वास्थ्य
अब आपके शिशु के बढ़ते हुए शारीरिक वज़न को सहारा देने के लिए उसके पैर और मांसपेशियाँ मज़बूत हो गई हैं। अधिकांश शिशु इस आयु में 25 से.मी. बढ़ते हैं और आप उनके आसपास की दुनिया की खोज करने के उत्साह के लिए धन्यवाद देंगी। अब वे इस गतिविधि में बहुत अधिक ऊर्जा खर्च करेंगे और थोड़ा वज़न भी कम करेंगे, और यह सब उनके लिए अत्यधिक अच्छा है। आप अपेक्षा कर सकती हैं कि आपका बच्चा लंबा और दुबला हो जाए क्योंकि वह छोटेपन से ही व्यायाम करता आ रहा है।

12 महीने के शिशु की उपलब्धियाँ
तीन प्रकार की उपलब्धियाँ हैं जिनका आपको पर्यवेक्षण करने की आवश्यकता है – संज्ञानात्मक, भौतिक और सामाजिक व भावनात्मक विकास की उपलब्धियाँ।

  • अब वह बिना मदद के बैठ सकता है।
  • खुद को खड़ा करने के लिए किसी सहारे का उपयोग करता है।
  • फर्नीचर को पकड़कर चलता है।
  • सहारे के बिना कुछ कदम चलता है, जो कि शिशु के बड़े होने की शुरुआत को चिह्नित करता है।
  • वह अपने हाथों की चुटकी और कभी संपूर्ण हथेली से चीजों को पकड़ने के लिए विभिन्न प्रकार की पकड़ का उपयोग करता है।
  • अपनी तर्जनी उंगली से चीजों को छूता है।
  • उसके दाँतों के तीन ऊपरी और निचले जोड़े भी निकल चुके हैं।
  • बेहतर हाथ-आँख का समन्वय और दूरी का बेहतर निर्णय के लिए दृष्टि में सुधार भी हो रहा है।

व्यवहार
आप पाएंगे कि इस समय शिशुओं में माता-पिता से दूर होने की चिंता काफी आम होती है। वे दुनिया का अन्वेषण करना चाहते हैं लेकिन आपको छोड़ने का डर उनके अन्तर्मन में रहता है, कुछ शिशु शर्मीले होते हैं जबकि अन्य नहीं होते हैं। अपने शिशु के साथ किसी प्रकार की जबर्दस्ती न करें क्योंकि वे अपने समय पर ही चीज़े करेंगे। आप यह अपेक्षा कर सकती हैं कि बच्चों में चिड़चिड़ापन होता है क्योंकि उनके सोने का समय और बोतल से दूध पीने जैसी चीजों के पैटर्न बदलने से उन्हें फिर से समायोजित होने में परेशानी होती है। वे आसानी से नहीं खाते हैं और आपको कई मौकों पर परेशान भी कर सकते हैं।

12 महीने के शिशु की गतिविधियाँ
कई तरह की गतिविधियाँ विभिन्न विकासात्मक कौशल को थोड़ा और बढ़ाने में मदद करती हैं और संभवतः इससे आपका व आपके शिशु का मनोरंजन भी होगा।

  • कार्ड-बोर्ड को किसी मोहक चीज, जैसे एक स्टार या उसके पसंदीदा जानवर के आकार में काटकर किसी ऊँचाई में टाँगे और फिर उसे पकड़ने के लिए एक मज़बूत डिब्बे या चीज को रखें। यह आपके शिशु को घंटों तक व्यस्त रखेगा और उसे खड़ा होने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह खेल आपके शिशु के लिए अधिक मनोरंजक है किन्तु इसे और भी ज़्यादा मनोरंजक बनाने के लिए आप रोचक चीजों का उपयोग कर सकती हैं।
  • बाज़ार में उपलब्ध उन सभी ब्लॉक खेलों और खिलौनों के पीछे एक तर्क होता है और आप इन पर विश्वास कर सकते हैं यह सिर्फ पैसा कमाने के ले नहीं होते हैं। ब्लॉक गेम्स निपुणता और रंगों को समझने में प्रोत्साहित करते हैं, और छोटे बच्चों में बेहतर हाथ-आँख को समन्वय करने में मदद करता है। यह कैसा भी खेल हो सकता है, जैसे आप जिस रंगीन ब्लॉक को नाम देते हैं या जिस ब्लॉक के आकार को नाम देते हैं, बच्चा उस ब्लॉक को एक टोकरी से दूसरी टोकरी में स्थानांतरित करता है (जैसे, शिशु को बताएँ कि यह एक तारा है और यह इस छेद में जाता है) यह साहस और संज्ञानात्मक क्षमताओं के विकास को प्रोत्साहित करता है) हाँ, बहुत सारे मनोवैज्ञानिक शोध उपलब्ध हैं जो इन सरल खेलों पर किए गए हैं और अगर आपके शिशु को इसका चयन करने में परेशानी होती है तो भी, चिंता न करें। आपने भी स्कूल में कई विषयों में संघर्ष किया होगा पर फिर भी आगे बढ़े हैं, है ना!
  • टेलीफोन जैसे खिलौने वाला गेम बहुत सारे माता-पिता को पसंद है। यह बच्चों में बात करने की कौशलता और आपसी संबंध को बढ़ाता है। आपका बच्चा आपकी सहायता से यह पता लगाएगा कि यह क्या है और इसका किस लिए उपयोग किया जाता है। यह गतिविधि अद्भुत है क्योंकि इसे अन्य वस्तुओं के साथ दोहराया जा सकता है और यह आप पर निर्भर करता है कि आप शिशु के लिए इसे रोमांचक और मज़ेदार बनाएं। इस गतिविधि के दौरान अपने शिशु से बात करने से आपको उनकी शब्दावली का विस्तार करने में भी मदद मिलेगी। इसे संजोए क्योंकि इससे आप अपनी आँखों के सामने अपने छोटे से शिशु को बढ़ते हुए देख सकते हैं।

12 महीने के शिशु की देखभाल
आपके शिशु की देखभाल के नियम उनके विकास के हर चरण के साथ बदल जाते हैं, और यह 12 महीने के नियमों के साथ भी लागू होता है। आप अपने शिशु को पूरी तरह से नए रूप में पाएंगे और उनके खाने के लिए नई चीजों की आवश्यकता भी होगी क्योंकि उन्होंने बोतल से दूध पीना बंद कर दिया है और उनकी दिनचर्या भी बदल चुकी है क्योंकि उन्हें एहसास हो गया है कि दुनिया में सोने से ज़्यादा और भी बहुत रोचक चीजें हैं। अपने शिशु पर उसके द्वारा किए जा रही खोजबीन के दौरान नज़र रखें। अब जूतों पर विचार करने का समय है क्योंकि आपके शिशु को अपने पैरों के लिए सुरक्षा की आवश्यकता है। आप उसे लचीले तलवों वाले जूते पहनाएं और अनुमान लगाएंकि इससे क्या होता है? वह हल्के या शोर करने वाले जूते हैं ? वे आपके शिशु को अधिक चलने के लिए प्रोत्साहित करते हैं!

अब आपका बच्चा हर तरह के नए खाद्य पदार्थ खा रहा है और उसके दाँत भी अच्छी तरह से निकल आए हैं, तो अब शिशु के दाँतों को किसी मुलायम टूथब्रश या साफ कपड़े से साफ करना शुरू करें। इसके अलावा, अपने शिशु के लिए दंत- चिकित्सक के साथ पहली भेंट निर्धारित करें।

आहार
यह वह समय है जब आप शिशु के लिए स्तनपान के स्थान पर डिब्बा-बंद या गाय के दूध का प्रयोग करें। कम वसा वाले दूध का प्रयोग न करें क्योंकि आपके शिशु के विकास के लिए वसा की आवश्यकता होती है। यह आपके शिशु के समग्र शारीरिक विकास के अलावा मानसिक वृद्धि को दर्शाता है। जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, अब आपको अपने शिशु से उसकी बोतल की आदत छुड़वानी होगी और कप से दूध पिलाने की आदत ड़ालनी होगी। अपने डॉक्टर से प्यूरीज़ और अधिक ठोस भोजन के बारे में बात करें। दूध पिलाने से भोजन में बदलाव करना आसान हो सकता है यदि आप इसे मज़ेदार बनाते हैं और आपका नन्हा इसके लिए उत्सुक है अगर शिशु को बीच में थोड़ा थोड़ा नाश्ता देते रहा जाता है, तो चीजें बहुत बेहतर होंगी।

अब जब आपका बच्चा हर तरह के खाद्य पदार्थ खा सकता है, तो आपको उसके निगल जाने के खतरों पर ध्यान देने की आवश्यकता है, उनके भोजन के दौरान उन पर नज़र रखने की भी आवश्यकता है। आप उसके आहार में शहद को भी शामिल कर सकती हैं क्योंकि वह आपके शिशु की भूख के लिए बेहतरीन है!

सोने का समय
आपका 12 महीने का छोटा सा बच्चा अब पहले की तुलना में कम नींद ले रहा होगा। उसे न केवल कम नींद की आवश्यकता है, बल्कि वे दुनिया-भर को जानने की खोज करने के लिए उत्साहित होते हैं क्योंकि अब वे चलना सीख गए हैं। चिंता न करें क्योंकि यह पूरी तरह से स्वस्थ है और अब आपका बच्चा चलने के लिए कदम उठा रहा है। उनकी सुबह की झपकी निश्चित रूप से अतीत की बात होगी, और आपको उन्हें और अधिक गतिविधियाँ देने के लिए अपनी सूची को फिर से तैयार करना होगा और उनके इस नए कार्यक्रम के साथ तालमेल करना होगा।

हालांकि, जब तक आपका बच्चा दो साल का न हो जाए, उन्हें तब तक भी एक दिन में 14 घंटे की नींद लेनी चाहिए, आपके शिशु को शायद 90 मिनट या लगभग 3 घंटे के आराम की आवश्यकता होती है । यह जानकर आप खुश हो जाएंगी कि आपके पास खुद के आराम करने के लिए अब कुछ समय होगा।

माता-पिता के लिए टिप्स
माता-पिता को भी अपने बच्चों के पालन पोषण की सलाह की आवश्यकता होती है, और एक टॉडलर की अवधि की शुरुआत अलग नहीं है क्योंकि आप जानती हैं कि आपको अपने 1 वर्षीय शिशु के विकास की प्रगति को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ चीजें करने की आवश्यकता है। यहाँ कुछ चीजें दी गई हैं, जो आपको अपने शिशु का पोषण करने की यात्रा में सहायता प्रदान करेंगी।

  • उन्हें रात के सोने का समय निर्धारित करने के लिए संस्कारित करें। यह शिशु को समय पर कार्य समाप्त करने में मदद करता है और शेष दिन उनकी सारी ऊर्जा को शिथिल करता है। उन्हें कुछ समय के लिए तेजी से दौड़ने दें ताकि शिशु थोड़ा थक जाएं, उन्हें नहलाएं, उनके लिए पढ़ें या गाएं, ध्यान रखें कि आप घर पर हैं या नहीं, यह दिनचर्या लगातार बनी रहे। अगर शिशु के आसपास कोई और देखभाल करने वाला है तो वह उन्हें भी समान दिनचर्या सिखाए। इससे शिशु को सांत्वना मिलती है और उनमें अपने परिवेश पर नियंत्रण की भावना विकसित होती है।
  • उपरोक्त बिंदुओं आधार पर अपने शिशु की जीवनचर्या को बनाए रखना सुनिश्चित करें। इससे उन्हें बेहतर संरचना मिलती है, और यहाँ तक कि 1 साल के शिशु की गतिविधियों को भी निरंतर बनाए रखना भी अनिवार्य है। चाहे वह पार्क का समय हो, दिन में सोने का समय हो, भोजन करने का या माता-पिता को घर लौटते हुए देखने का हो, बच्चों के लिए नियम का पालन करना आवश्यक है ।
  • अपने शिशु को पूर्ण वसा वाले खाद्य पदार्थों को खाने से मना न करें क्योंकि 12 महीने के शिशु का वज़न उनके जन्म के वज़न का तीन गुना होना चाहिए, उन्हें इस समय इसे विकसित करने और अपनी रोगक्षमता बनाए रखने की आवश्यकता है।आपके परिवार के आहार या किसी अन्य समान तत्वों के बावजूद, आपके शिशु का स्वास्थ्य पहले आता है और वसा तत्व से परिपूर्ण पदार्थ, मस्तिष्क के विकास जैसी चीजों को बढ़ावा देते हैं।

आपका नन्हा सा बच्चा एक नई यात्रा में दुनिया को जानने का प्रयास कर रहा है । जल्द ही आप अपने शिशु के नए पहलू को जानेंगी, और वे कई नए तरीकों से अपनी आवश्यकताएं, मांग और स्नेह का प्रदर्शन करेंगे। इस पड़ाव का आनंद लें और अपने शिशु की जरूरतों को अपनाते हुए ऊपर दिए गए सलाह का पालन करें।
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11 महीने के बच्चे का विकास एवं वृद्धि प्रक्रिया

Development and growth process of 11 month old baby
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जन्म के कुछ महीनों बाद, बच्चे अपनी बोध और मोटर कौशल को विकसित करते हैं। वे विकास के कई पड़ाव पार करेंगे जैसे रेंगना, मुस्कुराना, हाथों की पकड़ आदि, जो उन्हें भविष्य की अनेक बातों के लिए सहायक होंगे, जब उन्हें अपने शारीरिक और सामाजिक कौशल को विकसित करना पड़ेगा। यहाँ, हम आपके 11 महीने के बच्चे में होने वाले विभिन्न विकासात्मक पड़ावों पर चर्चा करेंगे।

शिशु की वृद्धि
जोश से भरपूर, अपने 11 माह के शिशु पर नज़र रखना, आपके लिए पहले की तुलना में ज्यादा कठिन होने वाला है। आपका बच्चा अपने परिवेश की अधिक छानबीन करता है, अधिक बड़बड़ाता है और अधिक उत्सुक है। जैसे–जैसे आपका बच्चा अपना एक साल पूर्ण करने के निकट आता है, आपको उसकी वृद्धि और विकास संबंधी सभी परिवर्तनों का पता रखना मुश्किल होता जाता है।

शिशु का विकास
इस स्तर पर, आपका शिशु ऊर्जा का एक जिज्ञासु भन्डार बनने जा रहा है। वह खेल खेलना पसंद करेगा, विशेष रूप से वे, जिसमें इशारे करना शामिल है। मौखिक और शारीरिक दोनों तरह के विकास के उसके सफर के लिए अपने कैमरे को तैयार रखें। आपको यह ध्यान में रखना चाहिए कि आपके बच्चे की प्रगति के जो पड़ाव हैं, वह अन्य बच्चों से बाद में या उनसे पहले भी हो सकते हैं और इसमे चिंता की कोई बात नहीं है। प्रत्येक बच्चे की अपनी वृद्धि और विकास संबंधी स्थिति और दर होती है, और आपका बच्चा अपने हिसाब से आगे जाएगा और वही करेगा जो उसके लिए सबसे अधिक आरामदायक है। शिशु को बताते रहें कि आप उसकी प्रगति से खुश हैं, ताकि उसका आत्मविश्वास बढ़ता रहे यदि आप अभी भी, अपने शिशु के ग्यारहवें महीने के विकास की गति से चिंतित हैं, तो आपको अपने बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।

44वें सप्ताह में शिशु का विकास
इस स्तर पर, आप देखेंगे कि आपका बच्चा अब पहले से कई अधिक शब्दों की नकल करने की कोशिश कर रहा है। जैसे–जैसे आपके शिशु का मस्तिष्क विकसित होता जाता है, उसकी वाणी और तर्क करने की क्षमता अधिक मजबूत होने लगती है। आप अपने बच्चे की बात को ध्यान से सुनकर और वह जो भी संवाद करने की कोशिश कर रहा है, उसे प्रतिक्रिया देकर, इस जिज्ञासा को प्रोत्साहित कर सकते हैं।

जैसे–जैसे आपका शिशु एक साल के करीब आता जाता है, आपको अपनी अनुशासनात्मक पद्धति को तय करने के लिए अपने साथी के साथ समय बिताना चाहिए। चूँकि पीढ़ियों के दौरान बच्चे की परवरिश के तरीके और शैली बदलती गई है, आप देखेंगे की, आप और आपका जोड़ीदार, परवरिश की कुछ तकनीकों पर असहमत हैं। यह पूरी तरह से स्वाभाविक है। आपको अपने साथी के साथ शांति से अपनी प्राथमिकताओं पर चर्चा करनी चाहिए और दोनों सहमत होने चाहिए कि कैसे आप अपने नन्हे को अनुशासित करेंगे।

जबकि पहले 11 महीने की उम्र में, बच्चों को पॉटी प्रशिक्षण से अवगत कराया जाता था; नए शोध हमें बताते हैं कि आपका नन्हा अभी भी इसके लिए बहुत छोटा है। पॉटी ट्रेनिंग शुरू करने से पहले आपके बच्चे के 18 से 24 महीने के बीच होने तक आपको इंतजार करना चाहिए।

45वें सप्ताह में शिशु का विकास
इस उम्र में, आपका बच्चा अपनी उज्ज्वल और रंगीन छवियों वाली सचित्र पुस्तकों को देखना पसंद करेगा। आपको अपने बच्चे को बोर्ड पुस्तकें देकर इस अभ्यास को प्रोत्साहित करना होगा जो कल्पना करना आसान बनाती हैं। उसे कहानियों को पढ़ कर सुनाएं और कहानी को आकर्षक बनाएं। पढ़ना अच्छा लगना एक आदत है जो आपके बच्चे के जीवन को संजोएगी और उसके विकास में भी मदद करेगी।

आप अपने बच्चे के पहले जन्मदिन समारोह के तैयारी भी शुरू कर सकते हैं! यह सुनिश्चित करें, कि आपके पास सहायता हो और शिशु संबंधी सभी जरूरी वस्तुएं भी साथ हों।

46वें सप्ताह में शिशु का विकास
यह समय आपके बच्चे के लिए एक महत्वपूर्ण समय है; यह तब है जब आप उनका स्तनपान कम कराने की धीरे–धीरे कोशिश शुरू करते हैं। वह नर्सिंग को याद करेगा, लेकिन आप उसे बदलना शुरू कर सकते हैं, उसके साथ कुछ गुणवत्ता समय बिताकर, अपने दैनिक कामों के दौरान उसे अपने आसपास रखने की कोशिश करें, उसके साथ बातचीत करें और अपने साथी के साथ मिलकर अपने बच्चे का खेल समय बढ़ाने की कोशिश करें।

46वें सप्ताह में, आप अपने छोटे को समझा पाएंगे कि आपकी मदद कैसे करें। इस कम उम्र में, यह कुछ भी जटिल नहीं होगा, बल्कि अवधारणाओं के संपर्क में आने के बाद जैसे कि खेलने के बाद खिलौने जगह पर रखना, या कोई भी चीज गिरा दी हो तो उसे उठाना। आप सुनिश्चित करें, कि आप उसके सामने कृपया व धन्यवाद जैसे शब्दों का उपयोग करें जिससे आपका शिशु कम उम्र से ही विनम्र बनना सीखे।

आपका बच्चा जल्द ही ठोस खाद्य पदार्थ खाने लगेगा, क्योंकि आप उसका स्तनपान छुड़ाना शुरू कर देंगे। अब अपने बाल रोग विशेषज्ञ के साथ ऐसे आहार के बारे में परामर्श करने के लिए एक अच्छा समय है जिसे आपका छोटा बच्चा खा सके। ताजा उत्पाद खरीदें जो खाद्य परिरक्षकों से मुक्त हो।

47वें सप्ताह में शिशु का विकास
लगभग इसी समय आपका शिशु स्वतंत्र रूप से चलने की कोशिश करेगा । आप उसे एक वॉकर दिलाकर चलने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। आप थोड़ी दूर खड़े होकर, अपनी बाहें फैलाए, बच्चे को अपने पास आने के लिए भी कह सकते हैं। सुनिश्चित करें कि पैदल चलने के उसके प्रयोगों के लिए आस पास का वातावरण बच्चों के हिसाब से सुरक्षित हो।

शिशु का स्वास्थ्य
आपका बच्चा अपने आसपास घूमता और टटोलता रहता है, इसलिए अब यह सुनिश्चित करने का एक अच्छा समय है कि आप और घर पर आने वाला कोई भी आगंतुक अपने जूते घर के बाहर उतारना शुरू कर दें। हालांकि, आपका बच्चा अभी तक चल नहीं रहा है, फिर भी वह रेंगते हुए घर के हर कोने की छान–बीन अवश्य करेगा। आप घर में बेबी डिवाइडर का इस्तेमाल कर यह सुनिश्चित करें, कि आपका बच्चा घर के किसी भी संभावित खतरनाक क्षेत्रों, जैसे कि रसोई या गैरेज में ना जाए। जब शिशु ठोस आहार लेना शुरू करता है, उसे प्रत्येक आहार से पहले हाथ धोने की आदत डालें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भोजन कीटाणुओं से दूषित नहीं हुआ है। शिशु के पास किसी को धूम्रपान करने की अनुमति न दें। जबकि इस महीने में कोई टीकाकरण नहीं है, परन्तु अगले महीने होगा। इसलिए अपने बाल रोग विशेषज्ञ से टीकाकरण के लिए एक समय निर्धारित करने के बारे में बात करें।

11 महीने के शिशु की उपलब्धियाँ
हम इस चरण में शिशु के विकास के पड़ावों को व्यापक रूप से विभाजित कर सकते हैं। अब आपके बच्चे की संज्ञानात्मक जागरूकता तेजी से बढ़ने लगी है। कुछ प्रमुख उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:

  • वह लोगों को उनके नाम से पहचानता है
  • वह अधिक सटीक रूप से व्यक्तियों की शारीरिक विशेषताओं में अंतर करता है
  • उसके संचलन कौशल पर उसका अधिक नियंत्रण है
  • उसकी जिज्ञासा तेज गति से बढ़ रही है क्योंकि वह अपने खिलौनों और आस पास के परिवेश को उपयोग करने और खेलने के नए तरीके तलाश करता है
  • वह समझता है कि “नहीं” शब्द का मतलब क्या है
  • किसी विशेष बात को संकेतों द्वारा बता पाने में सक्षम हो रहा है

कुछ शारीरिक विकास के पड़ाव हैं जो आपका 11 महीने का शिशु संभवतः पार कर लेगा

  • वह जहाँ चाहता है, वहाँ तक पहुँचने के लिए अलग–अलग प्रकार के तरीको का प्रयोग करता है
  • वह अपने दम पर खड़ा हो सकता है
  • वह मदद के बिना कुछ कदम उठा सकता है और मदद के साथ चल सकता है
  • वह सीढ़ियाँ चढ़ सकता है
  • उसकी उंगलियों की निपुणता बढ़ रही है
  • अब उसके मुँह में एक दो दाँत हैं
  • उसकी नींद का समय अब अधिक नियमित है
  • उसे अलग अलग प्रकार के स्वाद में आनंद आता है

शिशु का व्यवहार
आपके बच्चे के मस्तिष्क का विकास जारी है, वह अपने संज्ञानात्मक कौशल के विकास के साथ भावनाओं का पूर्ण अनुभव करना और दिखाना शुरू कर रहा है। अब वह लोगों के समूह के बीच विशिष्ट लोगों को पहचानने में सक्षम है। वह उन लोगों की तलाश करेगा जिन्हें वह जानता है और उनके साथ समय बिताना चाहेगा। इसके विपरीत, वह उन लोगों से थोड़ा सावधान हो सकता है, जिनसे वह पहले कभी नहीं मिला। वह अपने माता–पिता के बीच अंतर समझने में सक्षम है और सही व्यक्ति को माँ और पापा कहता है। जब वह किसी चीज से उकता चुका हो जैसे खिलौनों से न खेल पा रहा हो तो वह अपनी नाराजगी दिखाने में नहीं हिचकेगा। वह अवज्ञा के पहले लक्षण दिखाना भी शुरू कर देगा क्योंकि वह अधिक दृढ़ संकल्प होने लगा है।

11 महीने के शिशु की गतिविधियाँ
ऐसी कई गतिविधियाँ है, जिन्हें आप अपने ग्यारह महीने के शिशु के साथ करने कि कोशिश कर सकते हैं। ये गतिविधियाँ न केवल आपके बच्चे के विकास में मदद करेंगी, बल्कि बच्चे के साथ आपके बंधन को अधिक मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करेंगी।

भोजन के साथ चेहरे बनाने का खेल, खेलने के लिए एक सरल गतिविधि है। अपने बच्चे के सामने कुछ खाद्य पदार्थ जैसे कि गाजर, मटर, स्पेगेटी, और लाल टमाटर रखें। फिर एक खाली प्लेट लें और उसे खाद्य पदार्थों के साथ चेहरे बनाने में मदद करें।

यदि आपका बच्चा पहले ही चलना शुरू कर चुका है, तो आप उसे बिस्तर पर कूदने के खेल में शामिल कर सकते हैं। उसके हाथों को पकड़ कर उसके साथ कूदें। इससे उसे अपनी मांसपेशियों को मजबूत करने और संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

हाथ और आँख के समन्वय में सुधार करने के लिए, आप उसे पानी से पेंटिंग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। उसे पानी और असली पेंटब्रश का एक मग दें और उसे फर्श पर पेंट करने दें। आप गैर–विषाक्त पेंट भी प्राप्त ला सकते हैं जो 11 महीने की उम्र के लिए उपयुक्त हो और उज्ज्वल रंगों का उपयोग करने में उसकी रुचि बढ़ाए।

11 महीने के शिशु की देखभाल
एक मुख्य बात जो आपको अपने 11 महीने के बच्चे के साथ व्यस्त रखेगी, वह है उसे अपनी हर चीज का पता लगाने और जानने की जरुरत। उसके विकास के लिए यह अच्छा हो सकता है, लेकिन ऐसे क्षेत्र और चीजें भी हैं जो खेलने के लिए बहुत खतरनाक होते हैं। रसोईघर और घर के जोखिम वाले सामान के स्थान, जैसे टीवी, वॉशिंग मशीन और डी.वी.डी. प्लेयर को पहुँच से दूर रखें।

अपने बच्चे के लिए माँ का दूध छुड़ाने की योजना है ? तब यह इसे शुरू करने का सबसे अच्छा समय होगा। आहार के अन्य रूपों के साथ उसके खाने को अलग बनाने का प्रयास करें। अपने बच्चे को गाय का दूध न दें क्योंकि यह कुछ शिशुओं के लिए पचाने में मुश्किल हो सकता है। 11 महीने के होने पर अपने बच्चे को खिलाने के लिए, कौन से खाद्य पदार्थ शुरू कर सकते हैं, इस पर अपने बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।

आपका बच्चा उन लोगों के साथ बेहतर व्यवहार शुरू कर देगा जिन्हें उसने कुछ समय के लिए देखा है। अगर वे उसके आसपास हैं तो उसे उनके साथ समय बिताना सही लगेगा। उसे उन लोगों के साथ समय बिताने के लिए मजबूर न करें जिनके साथ वह सहज नहीं है।

यदि आपका शिशु आराम से सीधा खड़ा है, तो एक दीवार पर उसकी ऊंचाई अंकित करें। हर तीन महीने में उसकी ऊंचाई को चिह्नित करने की आदत ही डाल लें।

आहार
11 महीने का होने पर, आपका बच्चा दो उंगलियों के साथ खुद से खाने और एक चम्मच का उपयोग करने में सक्षम होना चाहिए। आप बच्चे को अपने हाथों से खाने के लिए प्रोत्साहित करें। जैसे – जैसे आपके बच्चे का स्वाद विकसित होगा, वैसे आप उसे अलग–अलग खाद्य पदार्थ जैसे कि साबुत अनाज, फल, सब्जियां, पनीर, दही, और प्रोटीन जैसे चिकन और मछली देना शुरू कर सकते हैं। आपको अपने बच्चे को भोजन के बीच में कुरकुरे खाद्य पदार्थ, फल, और सूखा अनाज भी देना चाहिए। लड़कों के लिए 11 महीने के एक शिशु का वजन 7 से 12 किलोग्राम और लड़कियों के लिए 6.5 से 11.5 किलोग्राम के बीच होता है। अगर आपको अपने बच्चे के आहार के बारे में कोई चिंता है, तो आपको अपने बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

नींद
इस उम्र में शिशु हर दिन कुल 13 से 14 घंटे सोते हैं। यह दिन में 2-3 झपकियों और रात की नींद के बीच विभाजित होता है। कुछ बच्चे दिन के दौरान सोने के लिए तैयार नहीं होते हैं, लेकिन आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि उसे दिन में कम से कम 2 बार सुलाया जाए जिसकी कुल अवधि 2 से 2.5 घंटे रहे।

माता–पिता के लिए सुझाव
  • अपने बच्चे के साथ विविध गतिविधियों और खेलों में सहभाग लें। यह आपके बच्चे का सकल स्नायु कौशल विकसित करने और बाग में अन्य बच्चों के साथ घुल–मिल सकने में मदद करेगा।
  • अपने बच्चे को स्वतंत्र होने के लिए प्रोत्साहित करें। उसे खुद से खाने दें और अपनी चौकस नजर के बीच खुद से खेलने दें। आप उसे अपने कपड़े खुद लेने दें या अपनी पसंद का सिप्पी कप चुनने दें।
  • उसे नए लोगों से मिलवाएं। यह पार्क में अन्य बच्चों और माता–पिता और यहाँ तक ​​कि अपने स्वयं के विस्तारित परिवार के साथ किया जा सकता है। फिर भी, यदि वह असहजता के स्पष्ट संकेत दिखा रहा है, तो उनके साथ जुड़ने के लिए उसे मजबूर न करें।
  • अपने बच्चे के लिये पढ़ें। पढ़ने की अच्छी आदत विकसित करने के लिये कोई भी समय जल्दी नहीं होता है। यदि आप उसके लिये सचित्र पुस्तकों के साथ पढ़ना शुरू करते हैं, तो वह हमेशा पढ़ने को एक मजेदार समय के साथ जोड़ेगा आपके साथ सुरक्षित और बेहतर महसूस करेगा।
  • उससे वास्तविक रूप से जुड़ने के लिए बात करें। जो भी वह बोलने की कोशिश कर रहा है उस पर ध्यान दें और तदनुसार उसका जवाब भी दें।उसे यह जताएं कि वह जो कुछ भी कह रहा है, वे बातें आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
  • जब भी आपका छोटा बच्चा कुछ सही काम करे तो उसे बताएं कि उसने अच्छे बर्ताव के साथ अच्छा काम किया है।

11वां महीना एक साल पूर्ण करने के बड़े पड़ाव से कुछ ही दूर होता है। इस महीने तक, आपके बच्चे को विकास की दृष्टि से कई पड़ावों को पार कर लेना चाहिए। आप बाल रोग विशेषज्ञ के साथ अपने बच्चे की प्रगति के बारे में चर्चा करें और सुनिश्चित करें कि आप उसे डॉक्टर की सभी नियोजित भेंटों में ले जाएं।
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बच्चों के दांत निकलने की उम्र के कारण और लक्षण व उपाय

Causes and Symptoms and Remedies of Children's Teeth Age
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जब बच्चों के पहली बार दांत निलकते हैं, तो उन्हें अलग-अलग दर्द से गुजरना पड़ता है। हालांकि, छोटे बच्चे बोल नहीं सकते, लेकिन रो कर अपनी बात समझाने का प्रयास करते हैं। वहीं, कई बार माता-पिता के लिए उनका दर्द समझना मुश्किल हो जाता है। मॉमजंक्शन के इस लेख में आपको बच्चों के दांत निकलते समय होने वाले दर्द के बारे में, और उससे जुड़ी कई जानकारियां मिलेंगी।

शिशुओं के पहली बार दांत कब निकलते हैं? 
ऐसा माना जाता है कि बच्चों के दूध के दांत छह माह की आयु से निकलने शुरू हो जाते हैं। वहीं, कुछ बच्चों के दांत चार माह की आयु में भी निकल आते हैं । बच्चों के दांत तब निकलते हैं, जब दांत मसूड़ों के अंदर से बाहर की ओर आते हैं।

बच्चे के दांतों की समयावधि क्या है?
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इसे हम नीचे दी गई टेबल के जरिए समझा रहे हैं, लेकिन ध्यान रहे कि हर बच्चे के दांत निकलने की समयावधि एक समान नहीं होती है । कुछ बच्चों के दांत जल्दी निकल आते हैं और कुछ बच्चों के दांत देरी से आते हैं।
ऊपर के दांत दांतों की समयावधि
  • सेंट्रल इन्साइजर 8-12
  • लेटरल इन्साइजर 9-13
  • कैनीन 16-22
  • फर्स्ट मोलर 13-19
  • सेकंड मोलर 25-33

नीचे के दांत दांतों की समयावधि
  • सेकंड मोलर 21-31
  • फर्स्ट मोलर 14-18
  • कैनीन 17-23
  • लेटरल इन्साइजर 10-16
  • सेंट्रल इन्साइजर 6-10


शिशुओं में देरी से दांत निकलने में होने वाली समस्याएं
अगर आपके बच्चे के दांत निकलने में देरी हो रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसके कई कारण हो सकते हैं। अगर आपके बच्चे के बाल, त्वचा और हड्डियां सही हैं, तो फिर डरने की कोई बात नहीं है। दांतों के देरी से निकलने पर बच्चे के शारीरिक विकास पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।
देरी से दांत निकलने के कुछ कारण-

  • आनुवंशिक - अगर माता या पिता के दांत बचपन में देरी से निकले हों तो बच्चे के दांत भी देरी से निकल सकते हैं।
  • पोषण में कमी - बच्चे के शरीर में पोषण की कमी के कारण दांत देरी से निकल सकते हैं।
  • समय से पहले जन्म - जिन बच्चों का जन्म समय से पहले होता है, उनके दांत भी देरी से निकल सकते हैं।
अगर आपकी कोई फैमिली हिस्ट्री नहीं है और आप अपने बच्चे को भरपूर पोषण दे रहे हैं, लेकिन तब भी आपके बच्चे के दांत समय से नहीं निकल रहे हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

शिशुओं में दांत निकलने के लक्षण
जब बच्चों के दांत निकलते हैं, तब उनके मसूड़े थोड़े सूज जाते हैं और उनमें दर्द भी होता है। यह दर्द दांत निकलने के 3 से 6 दिन पहले होता है और दांत निकलने के बाद चला जाता है। कुछ बच्चों के दांत आराम से निकल आते हैं, जबकि कुछ को दर्द का सामना करना पड़ता है। दांत निकलने के कुछ लक्षण नीचे दिए गए हैं ।

  • मसूड़ों में सूजन : मसूड़े सूजकर लाल रंग के हो जाते हैं, जिस कारण दर्द होता है।
  • लार टपकना : इस दौरान बच्चे के मुंह से ज्यादा लार टपकती रहती है। जब तक दांत नहीं निकल जाता, तब तक लार निकलती रहती है।
  • कानों को खींचना : मसूड़ों में दर्द होने की वजह से बच्चों के कानों में भी दर्द होता है, क्योंकि कानों और मसूड़ों का एक ही नर्वस सिस्टम होता है। इस वजह से बच्चे अपने कान खींच सकते हैं।
  • ज्यादा काटना और चबाना : मसूड़ों में दर्द होने की वजह से बच्चे ज्यादा काटते हैं। साथ ही खिलौने व कपड़े आदि चबाते हैं, ताकि उन्हें दर्द से राहत मिल सके। इस दर्द की वजह से बच्चे बार-बार रोते भी हैं।
  • कम खाना : तरल पदार्थ ग्रहण करने और खाना चबाने की वजह से बच्चों के मसूड़ों में और भी ज्यादा दर्द हो सकता है, जिस वजह से बच्चे ठीक से कुछ खाते नहीं हैं। ऐसा करने से उनकी सेहत पर असर पड़ता है।
  • गाल खींचना : मसूड़ों में दर्द के कारण बच्चे अपने गालों और ठोड़ी को खींचते हैं, ताकि उन्हें मसूड़ों में होने वाले दर्द से कुछ आराम मिल सके।
  • रैशेज : ज्यादा लार टपकने की वजह से बच्चों के मुंह और छाती के आसपास रैशेज हो जाते हैं, जिसकी वजह से बच्चे और भी ज्यादा परेशान हो जाते हैं।

इन सब लक्षणों के अलावा, अगर आपका बच्चा लगातार रोता रहे या आपको उसके स्वास्थ्य में ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखाई दे, तो डॉक्टर के पास जाना बेहतर विकल्प होगा।

बच्चों के दांत निकलने की होम्योपैथिक दवा
दांत निकलने से पहले बच्चों को काफी दर्द होता है और वो चिड़चिड़े भी हो जाते हैं। इस दौरान उनमें कैल्शियम की कमी भी हो सकती है। ऐसे में अगर बच्चों को होम्योपैथिक दवा दी जाए, तो उन्हें कुछ हद तक आराम मिल सकता है। होम्योपैथिक दवा मीठी होती है, जिस कारण बच्चे उसे आराम से खा लेते हैं। ध्यान रहे कि बच्चों को होम्योपैथिक दवा डॉक्टर की सलाह पर ही दें। मॉमजंक्शन इस बात की पुष्टि नहीं करता कि होम्योपैथिक दवा वैज्ञानिक रूप से सुरक्षित है या नहीं।

आपके शिशु के दांत दर्द को कम करने के लिए घरेलू उपचार
अपने बच्चे को दर्द में देखना किसी भी माता-पिता के लिए दुखदायी होता है। उस दर्द को दूर करने के लिए हम यहां कुछ घरेलू उपचार बता रहे हैं :

  • चबाने के लिए नर्म और गीला कपड़ा : अपने बच्चे को साफ-सुथरा, नर्म और गीला कपड़ा चबाने के लिए दें। इसके अलावा, ठंडी चीजों से बच्चे का दर्द कम होने में मदद मिलती है और उसकी चबाने की इच्छा भी पूरी हो जाती है ।
  • टीथर : आप अपने बच्चे को ठंडा टीथर भी दे सकते हैं। ध्यान रखें कि यह ज्यादा ठंडा न हो, क्योंकि इससे बच्चे का दर्द बढ़ भी सकता है। बच्चे को टीथर देने से पहले एक बारर डॉक्टर से जरूर पूछे लें।
  • ठंडा खाना या आइसक्रीम : अगर आपके बच्चे ने ठोस खाना खाना शुरू कर दिया है, तो आप उसे मेष टीथर दे सकती हैं, जिसमें आप कुछ खाना या आइसक्रीम डालकर बच्चे को चूसने के लिए दे सकती हैं।
  • मालिश : आप अपने बच्चे के मसूड़ों पर साफ उंगली से मालिश कर सकती हैं। इससे बच्चे के मसूड़ों का दर्द कुछ हद तक कम हो सकता है ।
  • ज्यादा प्यार करें : आपका बच्चा कितना भी बीमार हो, लेकिन उसे अपने माता-पिता के प्यार की हमेशा जरूरत होती है। बच्चे को गले लगाएं और प्यार दें। आपका प्यार बच्चे के दर्द को दूर कर सकता है।
  • ठोस खाना : दही व सेब से बनी सॉस दर्द कम करने में मदद कर सकती है।
  • बच्चे का ध्यान रखें : अपने बच्चे को नया खिलौना दें और ज्यादा से ज्यादा समय बच्चे के साथ बिताएं। इससे बच्चे का ध्यान दर्द की जगह आपके साथ खेलने में रहेगा।
  • बादाम का एक्सट्रेक्ट: थोड़ा-सा बादाम का एक्सट्रेक्ट लें और उसमें कुछ बूंदें पानी की मिला दें। अब एक साफ कपडा लें और इस मिश्रण को कपड़े पर डालें। इस कपड़े को अपने बच्चे के मसूड़ों पर हल्का-हल्का लगाएं। बच्चे को दर्द से थोड़ी राहत मिलेगी।

शिशुओं में दांत निकलने का दर्द कब तक रहता है?
ऐसा माना जाता है कि दांत निकलने से करीब दो माह पहले ही शिशु को दर्द शुरू हो जाता है। वहीं, दांत के मसूड़ों से बाहर आ जाते ही दर्द कम हो जाता है या फिर पूरी तरह से खत्म हो जाता है। इसलिए, जब भी शिशु का नया दांत आने लगता है, उसका दर्द शुरू हो जाता है और दांत निकलते ही कम या खत्म होने लगता है। शिशु को सबसे ज्यादा दर्द दाढ़ निकलते समय होता है, क्योंकि उसका आकार दांत से बड़ा होता है।

शिशु के दांतों की देखभाल
बच्चों के दूध के दांत नाजुक होते हैं और उनका ध्यान पक्के दांतों से ज्यादा रखना पड़ता है। अगर बच्चों के दांतों का ध्यान शुरुआत से ही रखा जाए, तो पक्के दांत निलकने पर उन्हें कोई परेशानी नहीं होती है। दांतों की देखभाल के लिए नीचे हम कुछ टिप्स दे रहे हैं :

  • नर्म कपड़े से बच्चे के मसूड़ों को साफ करें। इससे बच्चे के नाजुक मसूड़ों को नुकसान भी नहीं होगा और मसूड़ों की सफाई भी हो जाएगी।
  • बच्चे की प्लेट, चम्मच और कटोरी को अलग रखें। बच्चों के बर्तन और कोई उपयोग न करें, क्योंकि इससे उन्हें इंफेक्शन हो सकता है।
  • ऐसा खाना दें, जो विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर हो। इस तरह के खाने से आपके बच्चे के दांत और भी ज्यादा मजबूत बनेंगे। आपके बच्चे को कैल्शियम, फ्लोराइड, फास्फोरस और विटामिन-डी की जरूरत होती है। इनसे बच्चे के दांत मजबूत बनते हैं और मसूड़े भी मजबूत हो जाते हैं।
  • बच्चे को खाने-पीने के लिए मीठी चीजें न दें। इससे उनके दांतों में कैविटी होने की आशंका बढ़ जाती है।
  • जब बच्चे के 20 दांत निकल आएं, तब डेंटल चेकअप करवाएं।
  • अपने बच्चे को बोतल की जगह कप से दूध पिलाने की कोशिश करें। बोतल से दूध पीने की वजह से दांतों को नुकसान पहुंचता है, क्योंकि दूध मुंह और दांतों के हर छोटे से छोटे हिस्से में चला जाता है और लंबे समय तक रहता है। जब बच्चे की आयु 12 से 24 महीने के बीच में हो, तभी से उसकी बोतल से दूध पीने की आदत छुड़ाने की कोशिश करें ।
  • मीठी दवाइयों की वजह से भी बच्चों के दांत खराब होते हैं, क्योंकि वो दांतों में चिपक जाती हैं। इसलिए, दवाइयां देने के बाद बच्चे को कुल्ला जरूर करवाएं।
  • जब बच्चा 18 महीने का हो जाए, तब आप बच्चे को ब्रश करवाने में मदद कर सकती हैं।

शिशु के दांतों को ब्रश करना
जैसा कि पहले भी कहा है कि बच्चों के दांतों की खास देखभाल करनी पड़ती है। दांत निकलने से पहले ही मसूड़ों को उंगली से साफ करें और नर्म व साफ कपड़े को थोड़ा गीला करके मसूड़े साफ करें।

  • जब आपके बच्चे के कुछ दांत निकल आएं, तब आप उसे ब्रश करवाना शुरू कर सकती हैं। बच्चों का पेस्ट हमेशा फ्लोराइड युक्त होना चाहिए।
  • जब बच्चा 3 साल की उम्र का हो जाए, तब आप बच्चे को ब्रश करवाते समय पेस्ट की मात्रा को थोड़ा ज्यादा कर सकते हैं। आप बच्चे को फ्लोराइड सप्लीमेंट भी दे सकते हैं ।
  • ज्यादा या कम फ्लोराइड से आपके बच्चों की दांतों की परत खराब होने की आशंका बढ़ जाती हैं। इसे फ्लोरोसिस कहा जाता है ।
  • अपने बच्चे में दिन में दो बार ब्रश करने (सुबह और रात) की आदत डालें और बच्चे को यह भी बताएं कि टूथपेस्ट को न खाएं।
  • बैक्टीरिया से बचाने के लिए बच्चे का टूथब्रश हर 3 महीने में बदल डालें। अगर बच्चे को बचपन से ही दांतों को साफ रखने की आदत लग जाएगी, तो उसके दांत लंबे समय तक उसका साथ देंगे।

बेबी के दांतों से जुड़े मिथक
बच्चों के दांतों को लेकर लोगों में कई तरह के मिथक हैं, जिनके बारे में हम आपको सही जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं।

मिथक : अगर बच्चे के ऊपर वाले दांत पहले निकलते हैं, तो उसके मामा की किस्मत खराब हो जाती है।

सच्चाई : एक छोटा-सा दांत इंसान की किस्मत को नहीं बदल सकता है।

मिथक : कई लोग मानते हैं कि पहला दांत निकलने के दौरान जो दर्द होता है, वो अच्छा नहीं होता है, इसलिए भगवान को मुर्गे की बलि दी जाती है।

सच्चाई : ऐसी कई तरह की अजीब धारणाएं हैं, जिनके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

मिथक: अगर बच्चे का दांत जल्दी निकल जाता है, तो उसके भाई-बहन जल्दी ही पैदा हो जाते हैं।

सच्चाई : विज्ञान कहता है कि जब बच्चा 6 महीने का होता है, तब उसके दांत निकलने शुरू होते हैं। कुछ मामलों में दांत थोड़ा पहले निकल आते हैं और इनका भाई-बहन आने से कोई संबंध नहीं है।

मिथक: कई लोग मानते हैं कि अगर बच्चे के दांत 8 महीने के बाद निकलें, तो वह बच्चा राक्षस होता है। कई लोग यह भी मानते हैं कि बच्चा अगर मुंह में दांत के साथ पैदा हुआ है, तो भी वह राक्षस है और उसका दांत तुरंत निकाल देना चाहिए।

सच्चाई : इस तरह की बातों पर विश्वास करना गलत है। अमूमन बच्चों के दांत छह के बाद निकलने शुरू हो जाते हैं। वहीं, अगर आठ माह के बाद निकलें, तो इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे – आनुवंशिक, भोजन में पोषक तत्वों की कमी, हार्मोनल विकार, बीमारी या फिर किसी दवा का साइड इफेक्ट । वहीं, जहांं तक बात दांत के साथ बच्चे के पैदा होने की है, तो इसे चिकित्सीय भाषा में नेटल टीथ (Natal Teeth) कहा जाता है। इस तरह के मामले विलक्षण होते हैं और कम ही सुनने को आते हैं। यह दांत बेहद छोटा, कमजोर और भूरे या पीले रंग का होता है। अभी वैज्ञानिक तौर पर यह कहना मुश्किल है कि इसके पीछे मुख्य कारण क्या है, लेकिन राक्षस वाली धारण पूरी तरह से निराधार है ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दांत निकलने पर शिशुओं को बुखार, दस्त या नाक बहने की समस्या हो सकती है?

दांत निकलते समय बच्चों को थोड़ा बुखार आना आम बात है, लेकिन स्पष्ट तौर पर यह कहना मुश्किल है कि दांत निकलने की वजह से ही बच्चे को बुखार होता है। अमेरीकन अकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने रिसर्च में यह पाया है कि दांत निकलने की वजह से बुखार नहीं होता है । यही बात नाक बहने और दस्त लगने पर भी लागू होती है, क्योंकि ये सब इन्फेक्शन के कारण होता है। अगर आपके बच्चे को उल्टी व दस्त लगे हैं या वो कम खा रहा है, तो आपको उसे चेकअप के लिए ले जाना चाहिए।

शिशुओं में दांत निकलने के समय उल्टी हो सकती है?
कुछ लोग मानते हैं कि वायरल इन्फेक्शन की वजह से उल्टी होती है और कुछ मानते हैं कि दांत निकलने की वजह से उल्टी होती है। अगर आपका बच्चा उल्टी करता है, तो आपको दूसरे कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए, जैसे कि इन्फेक्शन और बुखार। इसके अलावा अगर आपका बच्चा लगातार उल्टियां करता है, तो आपको उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।

क्या नम्बिंग जेल या गोलियां मेरे बच्चे के लिए सुरक्षित हैं?
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने रिसर्च में पाया है कि बच्चों को नम्बिंग जेल नहीं देना चाहिए, क्योंकि इसमें बेंजोकेन (एक प्रकार का जेल, जो एनेस्थीसिया के काम आता है) की मात्रा होती है। बेंजोकेन वाला नम्बिंग जेल दो साल से अधिक उम्र वाले बच्चे या बड़े लोग इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उसकी मात्रा ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

दांत निकलने का समय हर बच्चे के लिए दर्द भरा होता है। इस लेख में बताए गए तरीकों से आप बच्चे के दांत निकलते समय होने वाले दर्द को कम कर सकते हैं। अगर दर्द ज्यादा हो, तो डॉक्टर के पास जाना ही बेहतर विकल्प है। अगर आप इस संबंध में किसी अन्य सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। आपके बच्चे के दांत निकलते समय आपका अनुभव कैसा रहा, आप उसे भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं।
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स्तनपान के दौरान महिलाओं को होने वाली आम समस्याएं और उनका समाधान

Common problems and solutions to women during breastfeeding
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स्तनपान कराना बच्चे को पोषण देने के अलावा भी कई लाभ प्रदान करता है जैसे इम्युनिटी सिस्टम को बेहतर करने के लिए एंटीबॉडी प्रदान करता है। इसके साथ यह माँ और बच्चे के बीच के बंधन को मजबूत करने में मदद करता है। हालांकि, बच्चे को स्तनपान कराते समय आपको कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है । स्तनपान के दौरान होने वाली कुछ समस्याओं के बारे में नीचे चर्चा की गई जो कुछ इस प्रकार हैं:

1. दूध की आपूर्ति ठीक से न होना
यह स्तनपान की सबसे बड़ी और सबसे आम समस्याओं में से एक है। कम दूध की आपूर्ति के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि गिल्टी–संबंधी समस्याएं या अपर्याप्त स्तनपान।

  • कैसे इलाज करें: सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा दिन के दौरान अच्छे से स्तनपान करे, ताकि आपको अपने स्तनों में भारीपन न महसूस हो। यदि आपका बच्चा लगातार स्तनों में मौजूद दूध का सेवन नहीं करेगा, तो आपका शरीर अधिक दूध का उत्पादन नहीं कर पाएगा। इस बात का ख्याल रखें कि बच्चे को हर बार दोनों स्तनों से दूध पिलाएं और उसे तब तक दूध पीने दें जब तक वो अंत तक न पी ले । कभी–कभी, बच्चे स्तनपान करने से इंकार कर देते हैं, जिससे हो सकता है कि आपके दूध की आपूर्ति में कमी आ जाए। ऐसी स्थिति में, आप एक ब्रेस्ट पंप का उपयोग करके दूध निकाल सकती हैं और बोतल की मदद से बच्चे को अपना दूध दे सकती हैं।
  • बचाव: यह सुनिश्चित करें कि आप समय पर खाएं, सोएं, और अच्छे से हाइड्रेटेड रहें। स्तनपान कराते समय बच्चे को सही पोजिशन में लें। पहले छह महीनों तक के लिए कोशिश करें कि बच्चे को फार्मूला दूध न दें, इस प्रकार स्तनपान में उसकी रुचि बनी रहेगी।


2. स्तनों से रिसाव
तीसरी तिमाही से आप अपने निपल से दूध के लगातार रिसाव का अनुभव कर सकती हैं, और यह तब तक जारी रह सकता है जब तक कि आपका बच्चा स्तनपान बंद नहीं कर देता है । यह रिसाव एक लेट–डाउन रिफ्लेक्स के कारण हो सकता है, जो आपके बच्चे के नजदीक आते ही दूध के उत्पादन को उत्तेजित करता है। यह तब भी हो सकता है जब आपके स्तनों में बहुत अधिक दूध जमा हो जाए।

  • इलाज कैसे करें: आप अपने स्तनों से दूध के रिसाव को नहीं रोक सकती हैं, लेकिन आप इससे निपटने के लिए रिसाव को कम करने की कोशिश कर सकती हैं। आप ब्रा के नीचे विशेष नर्सिंग पैड पहन सकती हैं, जो लीक होने वाले दूध को अवशोषित करता है। गहरे रंग के कपड़े पहनें जिससे दाग ​​नजर न आए।
  • बचाव: बार–बार स्तनपान कराने से रिसाव की संभावना कम हो जाती है। हालांकि, चिंता करने वाली कोई बात नहीं है, क्योंकि यह समस्या कुछ महीनों के बाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगी ।


3. बढ़े हुए स्तन
शिशु को जन्म देने के तुरंत बाद, आपके स्तनों में दूध का उत्पादन तेजी से होने लगता है, जिससे वो काफी बड़े और भारी हो जाते हैं। जिसे स्तन वृद्धि के रूप में जाना जाता है।

  • इलाज कैसे करें: बढ़े हुए स्तनों के कारण होने वाले से दर्द से राहत पाने के लिए नियमित रूप से स्तनपान कराएं और गर्म और ठंडी सिकाई करें । यदि आपका बच्चा जितना दूध पीता आप उससे ज्यादा दूध का उत्पादन कर रही हैं, तो आप इसे पंप कर सकती हैं, या एक ब्रेस्टमिल्क बैंक को दान कर सकती हैं।
  • बचाव: इस बात का ध्यान रखें कि आप ठीक से खाना खाएं, अच्छे से सोएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पीती रहें, ताकि आप अपने बच्चे को स्तनपान कराते समय स्वस्थ रह सकें। बच्चे को नर्सिंग सप्लीमेंट्स देने से बचें जैसे कि बोतल में दूध देना या चुसनी आदि। इस प्रकार बच्चा स्तनपान में रुचि बनाए रखता है। दूध के प्रवाह को तेज करने और डक्ट ब्लॉकेज को रोकने के लिए आप नियमित रूप से अपने स्तनों और निपल की मालिश करें।


4. बच्चे के साथ संरचनात्मक समस्याएं
आपके बच्चे में शारीरिक दोष हो सकते हैं जैसे कि बड़ी जीभ, धनुषाकार तालु या ठोड़ी, मसूड़े या जबड़े की समस्याएं। जिसके कारण उसे स्तन से दूध पीने में परेशानी हो सकती है।

  • कैसे इलाज करें: इन मामलों में सर्जरी करना सबसे अच्छा विकल्प होता है और ये प्रक्रियाएं इसका इलाज करने के लिए काफी आम हैं, इसलिए चिंता करने की कोई बात नहीं है।
  • बचाव: इस समस्या को रोका नहीं जा सकता क्योंकि शारीरिक असामान्यताओं को रोक पाना आपके बस में नहीं होता है। हालांकि, जैसा कि आपको पहले बताया गया है, इसका सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है।


5. इनवर्टेड निपल
जबकि निपल आमतौर पर बाहर की ओर होते हैं, लेकिन कुछ महिलाओं के निपल फ्लैट या इनवर्टेड होते हैं जो अंदर की ओर निकलते हैं। जिससे बच्चे की स्तनपान करने की प्रक्रिया बहुत मुश्किल हो जाती है। फ्लैट निपल के मामले में भी दूध का अत्यधिक उत्पादन होता है और स्तन बढ़ जाते हैं।

कैसे इलाज करें: अपने बच्चे को स्तनपान कराते समय एरोला दबाने की कोशिश करें। दूसरा तरीका अपने निपल को बाहर की ओर करने का यह है कि आप अपनी अंगुलियों से निपल की मालिश करें या सक्शन डिवाइस का उपयोग करें।
बचाव: चूंकि यह एक शारीरिक समस्या है, इसलिए इसे रोका नहीं जा सकता। हालांकि, अगर आपको स्तन संबंधी कोई अन्य समस्या नहीं है, तो आपके बच्चे को पर्याप्त दूध मिल सकता है, भले ही वह सही तरीके से न मिले। यदि बच्चा लगातार दूध पीने का प्रयास करता है, तो समय के साथ इसमें सुधार हो सकता है ।

6. गलत तरीके से स्तनपान करना
यदि आपका बच्चा ठीक से दूध पीना नहीं सीखता है, तो इसके कारण भी आपका दूध उत्पादन कम हो सकता है, जिससे बच्चा बीमार पड़ सकता है और चिड़चिड़ा हो जाता है। इसके अलावा, आपके बच्चे को किसी भी तरह की तकलीफ या दर्द के बगैर दूध पीने में कुछ समय लग सकता है।

इलाज कैसे करें: आप बच्चे की पोजीशन को बदलते समय उसका मुँह एरोला के थोड़ा नीचे रखें ताकि वो अच्छे से दूध पी सके । स्तनपान कराते समय बच्चे को दूध पीने में परेशानी न हो इसके लिए आप तकिए का उपयोग करके उसे सहारा दे सकती हैं ।

बचाव: बच्चा अच्छी तरह से दूध पी सके इसके लिए स्तनपान की ट्रेनिंग लेनी चाहिए और उसका अभ्यास करना चाहिए। सुनिश्चित करें कि स्तनपान कराते समय आपका बच्चा सही नर्सिंग पोजीशन में हो, अपने निपल को दो अंगुलियों से दबाएं और अपने बच्चे को अपने स्तन की ओर ऊपर लाएं।

7. अवरुद्ध दूध नलिकाएं
बढ़े हुए स्तन या उनमें सूजन के कारण दूध नलिकाओं में रुकावट आ सकती है। ऐसा तब होता है जब आप बहुत अधिक मात्रा में दूध का उत्पादन कर रही होती हैं, जो स्तन के ऊतकों में सूजन का कारण बन जाता है। जिसके कारण दूध नलिकाओं पर दबाव पड़ता है और ये दूध नलिकाओं में रुकावट पैदा करने लगता है।

इलाज कैसे करें: अवरुद्ध दूध नलिकाओं की वजह से होने वाली सूजन और दर्द को मालिश और गर्म सिकाई करके इसे कम किया जा सकता है। बच्चे को स्तनपान कराती रहें, ताकि उसके चूसने से दूध नलिकाओं में रुकावट आने से इसे जा सकता है।
बचाव: अच्छी तरह से खाना खाएं और सोएं। इसके अलावा इस बात का ध्यान रखें कि दूध नलिकाओं में रुकावट न आए और इसके लिए बच्चे को लगातार स्तनपान कराती रहें ।

8. निपल में दर्द
स्तनपान करने से आपके निपल में दर्द होना इसका एक अपेक्षित परिणाम है। यह दर्द तब भी हो सकता है जब स्तनपान की प्रक्रिया ठीक नहीं होती है। जिसकी वजह से निपल में दर्द, सूखापन, दरारें या खून बहने आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जो काफी दर्दनाक होती हैं ।

  • इलाज कैसे करें: अपने निपल पर किसी कठोर साबुन और क्रीम का उपयोग करने से बचें और संवेदनशील त्वचा के लिए लानौलिन युक्त क्रीम लगाएं । आपके दूध को निपल पर लगाकर सूखने दें, यह आपको हो रही असुविधा को कम करने में मदद करता है क्योंकि इसमें एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं।
  • बचाव: सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा अच्छी तरह से स्तनपान कर रहा हो। अपने दोनों स्तनों से स्तनपान कराएं। ढीले कपड़े पहनें जिससे आपके निपल रगड़ें नहीं।

9. यीस्ट संक्रमण
स्तनपान के दौरान बच्चे के मुँह के जरिए कई तरह के रोग पैदा करने वाले कीटाणु आते हैं । यीस्ट संक्रमण उनमें से एक है जो काफी आम है, आप खाल निकलना, खुजली, लालिमा, स्तनपान के दौरान दर्द, चकत्ते पड़ना अदि समस्याएं इसके लक्षण के रूप में देख सकती हैं ।

  • कैसे इलाज करें: भले ही आपके स्तन संक्रमित हों, लेकिन आपको बच्चे को स्तनपान करने से रोकने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, जितनी जल्दी हो सके अपने डॉक्टर से परामर्श करें ताकि वे संक्रमण का इलाज कर सकें और आपको कोई एंटिफंगल दवा दे ​​सकें। अपने आप से कोई दवा न खरीदें, क्योंकि यह रक्तप्रवाह के माध्यम से स्तन में प्रवेश कर सकती है और बच्चे तक पारित हो सकती है।
  • बचाव: आप खुद को और अपने बच्चे को नियमित रूप से साफ रखें। केवल साफ कपड़े और तौलिए का ही उपयोग करें और डायपर का पुन: उपयोग न करें। अपने बच्चे के मुँह में जाने वाली सभी वस्तुओं, जैसे बोतल, खिलौने और चुसनी को उबलते पानी में लगभग पंद्रह मिनट तक रखें।

10. ब्रेस्टफीडिंग स्ट्राइक
कभी–कभी आपका शिशु जो कई महीनों तक अच्छे से स्तनपान कर रहा था वह अचानक से दूध पीना बंद कर देता है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपका बच्चा स्तनपान नहीं करना चाहता है, बल्कि यह इस बात का संकेत हो सकता है कि कहीं कोई समस्या तो नहीं है । इसके पीछे संक्रमण या दूध पीने की स्थिति में दर्द होना, ध्यान न लगना, बंद नाक, घबराहट, थकान आदि कुछ कारण हो सकते हैं ।

  • कैसे इलाज करें: अगर आपका बच्चा केवल स्तनपान करने से इनकार कर रहा है, तो आप ब्रस्ट पंप की मदद से दूध निकाल कर बोतल या चम्मच का उपयोग करते हुए बच्चे को पिलाएं । बच्चे को अपने स्तन दिखा कर नियमित रूप से दूध पिलाने का प्रयास करें, भले ही वो दूध पीने से मना करता हो।
  • बचाव: अपने बच्चे को आराम की स्थिति में लाने के लिए उसे प्यार करें, अपनी गोद में पकड़ें या उसके साथ खेलें । सुनिश्चित करें कि बच्चे के आसपास उसका ध्यान भटकाने वाली कोई आवाजें न हों।
  • स्तनपान कराने के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिसके कारण आप जल्दी बच्चे को दूध पिलाना चाहती हैं। हालांकि, सही मार्गदर्शन और धैर्य के साथ, बताए गए समाधान का पालन करते हुए आप इन सभी समस्याओं से बाहर निकल सकती हैं, इसके अलावा अनुशंसित किया जाता है कि आप बच्चे को कम से कम छह महीनों तक स्तनपान कराएं ।
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