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2 दिस॰ 2019

गोण्डा-गौ आश्रय केन्द्र मे पंगुता,पेट की भूख या बीमारी

रिर्पोट-आर तिवारी

गोण्डा। योगी सरकार गोवंशों को बचाने के लिए लाखों प्रयास कर रही हो व गौवंश  के रक्षा के लिए  बड़ी-बड़ी बात कर रही हो लेकिन जनपद गोण्डा का हाल बेहाल नजर आता है सरकार के लाखो करोडो खर्च के बाद भी जमीन स्तर पर कार्य न के बराबर नजर आता है प्रशासन की उदासीनता के चलते इस तरह  का संकट गौवंशो पर मडरा रहा है। जिसके चलते गौ आश्रय केंद्र गंडाही में अज्ञात कारणों से दो गोवंश की दर्दनाक मौत हो गई तथा दो की हालत गंभीर है।जहां एक तरफ प्रदेश की योगी सरकार ने गौ आश्रय केंद्र के लिए करोड़ो रूपया पानी की तरह बहाया है वही धरातल पर कुछ और ही है।प्रशासन की उदासीनता के चलते गौवंश मर रहे हैं और प्रशासन अपनी खानापूर्ति कागजो मे कर रही है। और प्रशासन हाथ पर हाथ रख देख रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण विकास खंड कटरा बाजार के ग्रामसभा गंडाही में बना गौ आश्रय केंद्र मे रविवार को देखने को मिला रविवार देर रात्रि दो गोवंश की मौत हो गई तथा दो की स्थिति मरणासन्न बनी हुई है।सोमवार सुबह ग्रामीणों ने गौ आश्रय केंद्र पहुंचकर बवाल काटना शुरू कर दिया।मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस व डॉक्टर तथा हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों की मौजूदगी में मृतक गोवंशों का पोस्टमार्टम कराया गया।ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि किसान लोग अपनी फसल की सुरक्षा के लिए जब छुट्टा जानवरों को पकड़कर गौ आश्रय केंद्र लेकर आतें है तो वहां मौजूद कर्मचारी द्वारा छुट्टे जानवरों को गौशाला में रखने के एवज में पैसा  लिया जाता है।यदि आप पैसा नही देते तो रात में ही जानवरों को गौशाला से छोड़ दिया जाता है जिससे जानवर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।प्रतिनिधि ग्राम प्रधान ने कहा कि प्रशासन द्वारा गौवंशो को ठंडी से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नही की गई है। उन्होंने कहा कि जानवरों की देखभाल व उनकी आहार के लिए सरकार से मात्र तीस रुपए प्रति जानवर मिलता है जो पर्याप्त नही है और विभाग द्वारा गौशाला परिसर में काम कर रहे मजदूरों को मजदूरी भी नही मिलती है। ब्लॉक प्रभारी हिन्दू युवा वाहिनी ने कहा कि गोवंशों का मरना दुर्भाग्यपूर्ण है इसकी जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही कराई जाएगी तथा हिन्दू युवा वाहिनी गौरक्षा हेतु कटिबद्ध है। डॉ धर्मेंद्र चैधरी ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान पशुओं के पेट से पॉलिथीन निकली है पशु काफी दुबले पतले थे पेट फूलने से उनकी मौत हुई है।सहायक विकास अधिकारी ने बताया कि गौ आश्रय केंद्र पर 58 गौवंश थे जिसमें दो की बीमारी की वजह से मौत हो गई है। घटना स्थल पर उपनिरीक्षक शिवलखन यादव, योगेश सिंह,मातादीन पांडेय, संजय चैबे,पप्पू पांडेय,सहित भारी संख्या में मौजूद रहे। 

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