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9 जन॰ 2020

महिला सुरक्षा का दावा करने वाली योगी सरकार के राज्य में महिला पुलिस कर्मी ही नही महसूस कर रही सुरक्षित

-देखे वीडियो- महिला आरक्षी की जुबानी महिला उत्पीडन की कहानी

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लखनऊ। एक तरफ तो प्रदेश सरकार महिलाओ के सुरक्षा के लाख दावे करते हुए नही थकती। वही दूसरी तरफ आलम यह है कि महिला पुलिस कर्मी ही सुरक्षित नही। ऐसे में प्रदेश सरकार के दावे क्या हवा-हवाई साबित नही हो रहे है। ऐसे में आमजनमानस कैसे प्रदेश के योगी सरकार व पुलिस प्रशासन पर भरोसा करे, यह यक्ष प्रश्न समाज में चौतरफा गूंज रहा है।

देखे वीडियो -महिला पुलिस कर्मी की जुबानी -



मामला लखनऊ के महिला आरक्षी सरिता का है,जिसने अपने ही विभाग के आलाधिकारी पर मानसिक,शारीरिक,शोषण किये जाने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियो को प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही किये जाने की मांग की है। जिससे प्रदेश के योगी सरकार सहित पुलिस के आलाधिकारी तक को कटघरे में खडा कर रहा। 

मामला सोशल साइट् पर हो रहे वायरल वीडियो के अनुसार लखनऊ के रिर्जव पुलिस लाइन में तैनात महिला आरक्षी 1470 सरिता जिनका मोबाईल नम्बर 8844780036 है। विभाग के अपने ही आलाधिकरी आरआई आशुतोष सिंह पर आरोप लगाया है कि वे उनका मानसिक,शारीरिक शोषण कर रहे है। यही नही महिला आरक्षी यही नही रूकी उसने यह भी कहा कि जब मै पुलिस अधीक्षक महोदय से मिलकर आपनी समस्या  के सम्बन्ध में बातचीत कर निराकरण कराना चाहती हू तो ऐसे में उसे, अपने ही उच्चाधिकारी से नही मिलने दिया जा रहा। उन्हाने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी हवाला दिया कि जब वे डियूटी के दौरान अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर अवकाश की मांग करती है तो आर आई द्वारा मेरे प्रार्थना पत्र का माखौल उडाया जा रहा। उन्होने दिये गये अपने प्रार्थना पत्र में यह भी कहा है कि यदि कोई अनहोनी घटना घटती है तो ऐसे में इसकी जिम्मेदारी आरआई आशुतोष सिंह की होगी। 

ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि प्रदेश सरकार के दावे में कितनी सच्चाई है,और प्रदेश की महिलाये अपने आप को कितना सुरक्षित महसूस करे। जब पुलिस विभाग में ही तैनात महिला पुलिस कर्मी सुरक्षित नही तो ऐसे में आप सहसा अन्दाजा लगा सकते है कि प्रदेश कि महिला और बच्चियां अपने आपको कैसे सुरक्षित महसूस करे। अब ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि क्या पुलिस के उच्चाधिकारी महिला पुलिस द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेकर महिला पुलिस कर्मी को सुरक्षा का भरोसा दे पायेगे। फिरहाल यह यक्ष प्रश्न भविष्य के गर्भ में है। ऐसे में अब यह देखना है कि प्रदेश के योगी सरकार सहित पुलिस के आलाधिकारी महिला पुलिस के शिकायत को कितनी गम्भीरता से लेते हुए उसे कार्यवाही का भरोसा देते है। हालांकि जब संवाददाता ने महिला आरक्षी द्वारा दिये गये दूरभाष पर सम्पर्क कर सम्पूर्ण मामले की जानकारी जाननी चाही तो ऐसे में महिला आरक्षी का मोबाईल फोन का स्वीच आफ बताता रहा।


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